Betul News: क्रूरतापूर्वक गोवंश को भर कर ले जाने के मामले में वाहन मालिक को 3 साल की सजा, अर्थदंड भी किया

• राकेश अग्रवाल, मुलताई

गौ-वंश के अपराध में आज न्यायालय ने आरोपी को सश्रम कारावास और अर्थदण्ड से दंडित किया है। अभियुक्त (वाहन-मालिक) हाफिज लियाकत पिता सईद रबान (32 वर्ष) निवासी मंगलादीप कुरावर तहसील नसिंहगढ़ जिला राजगढ़ को यह सजा सुनाई गई है।

एडीपीओ मालिनी देशराज ने बताया कि थाना मुलताई के क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रकरण में 50 से 56 बैलों को क्रूरतापूर्वक वध करने के लिये ले जाने के अपराध में मप्र गोवंश वध-प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, एवं सहपठित धारा 9 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000 रु. का अर्थदण्ड, पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (घ) में 50 रु. का अर्थदण्ड एवं मोटर व्हीकल अधिनियम में बिना लाइसेंस के वाहन देने, बिना बीमा एवं बिना फिटनिस के वाहन चलने देने के अपराध में 3000 रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।

मामले में शासन की ओर से वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती माहिली देशराज द्वारा पैरवी की गई। फरियादी विजय 1 जून 2017 को रात्रि 11.45 बजे खेत से अपने ट्रैक्टर से घर आया तो घर के पास सामने सोनोरा रोड पारेगांव तिराहे पर एक ट्रक खड़ा हुआ था, जो तिरपाल से ढका था और आस-पास में कोई नहीं था।

ट्रक के पीछे चढ़कर देख तो उसमे बैल-बछड़े ठूस-ठूंस कर भरे हुए थे और पशुओं के पैरों में और मुंह में रस्सियां बंधी हुई थी। सूचना पर पुलिस ने मौके पर आकर देखा तो 50 बैल मर चुके थे एवं छ: बछड़े जीवित थे। इन्हें वाहन से उतारा गया।

पुलिस के विवेचना करने पर वाहन मालिक हाफिज लियाकत पिता सईद खान ग्राम मंगलादीप थाना कुरावर तहसील नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ हाल विशाल मस्जिद करोंद भोपाल, वाहन चालक नियामत अली पिता बरकल अली हुजूर भोपाल हाल बाग परवलिया भोपाल, कलीम खान भोपाल के विरुद्ध पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1969 की धारा 11 मप्र गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, धारा 469 एवं कृषि उपयोगी सरंक्षक अधिनियम की धारा 10-11 एवं मोटर अधिनियम में अंतिम अभियोग प्रस्तुत किया था।

प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी मुलताई ने आरोपी वाहन मालिक को हाफिज लियाकत पिता सईद खान को म.प्र. गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 6, में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दण्डित किया है। अन्य दो आरोपी इस मामले में फरार चल रहे हैं, उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं।