dispute : नगर पालिका कार्यालय में सीएमओ के सामने राजस्व निरीक्षक और लिपिक के बीच हुई जमकर बहस

इन दिनों नगर पालिका कार्यालय में सब कुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। जहां आम नागरिकों को नामांतरण सहित अन्य कार्यों लिए तमाम कानून कायदे बताकर चक्कर मारने के लिए मजबूर किया जा रहा है वहीं कार्यालय में कर्मचारियों में भी आपस में तनातनी का माहौल बना हुआ है। साहब के खास कर्मचारियों का एक गुट बन गया है। जिसकी हर कार्य में तूती बोल रही है। इन परिस्थितियों में कर्मचारियों के बीच अंदरूनी विवाद की स्थिति चली आ रही है। जिसका नजारा शुक्रवार को देखने मिला।
शुक्रवार को कार्यालय खुलने के बाद नगर पालिका में सीएमओ कक्ष में सीएमओ के सामने 2 कर्मचारियों के बीच जमकर तू-तू मैं-मैं हो गई। इस दौरान काफी देर तक कक्ष में हंगामा होते रहा प्रभारी राजस्व निरीक्षक संतोष शिवहरे ने बताया कि शुक्रवार सुबह उनके पास महिला कंप्यूटर ऑपरेटर आई और कहा कि 2 लाख 26 हजार रुपए की रसीद किसके नाम से काटना है।
संतोष ने कहा मैंने किसी भी प्रकार के टैक्स की राशि जमा नहीं की है। संतोष ने कहा कि मेरी टैक्स जमा राशि करने वाली आईडी का किसने उपयोग किया है। ऑपरेटर ने बताया कि तुम्हारी आईडी से सहायक ग्रेड-दो गुलाबराव देशमुख ने राशि जमा की है। संतोष शिवहरे ने उनकी आईडी का दुरुपयोग लिपिक द्वारा किए जाने की जानकारी सीएमओ नितिन कुमार बिजवे को दी।
श्री बिजवे ने श्री देशमुख को कक्ष में बुलाया और पूछताछ की। इस दौरान संतोष शिवहरे और गुलाबराव देशमुख के बीच बहस हो गई। संतोष का आरोप था कि उनकी निजी आईडी का दुरुपयोग किया जा रहा है। सीएमओ ने दोनों कर्मचारियों को शांत कराया। इस संबंध में सीएमओ का कहना था कि नगर पालिका के कर्मचारी एक दूसरे की आईडी का उपयोग कर सकते हैं।



