Kisan Vikas Patra: पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में 115 महीने में दोगुना होगा पैसा, जानें ब्याज दर और नए नियम
Kisan Vikas Patra: Money doubles in 115 months under this Post Office scheme; know the interest rate and new rules.

Kisan Vikas Patra: भारतीय डाकघर की जमा योजनाओं में किसान विकास पत्र यानी केवीपी एक बेहद लोकप्रिय और सुरक्षित माध्यम माना जाता है। इसमें निवेशकों को एक निश्चित राशि एक बार में जमा करनी होती है, जो तय समयसीमा पूरी होते ही दोगुनी होकर वापस मिलती है। वर्तमान में लागू सरकारी मानकों के अनुसार इस योजना की परिपक्वता अवधि 115 महीने निर्धारित है, जिसका अर्थ है कि आपका पैसा 9 साल और 7 महीने में दोगुना हो जाएगा। इस योजना की शुरुआत मूल रूप से वर्ष 1988 में कृषकों को दीर्घकालिक बचत का प्रोत्साहन देने हेतु की गई थी, परंतु वर्तमान में 10 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक इसमें अपना खाता खुलवा सकता है।
न्यूनतम निवेश और जरूरी दस्तावेजों की शर्तें
केवीपी योजना के अंतर्गत न्यूनतम एक हजार रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है, जबकि अधिकतम जमा राशि की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं की गई है। किसी भी नाबालिग बच्चे के नाम पर उसके माता-पिता या अभिभावक खाता खोल सकते हैं, जिसे बच्चा बालिग होने पर अपने नाम स्थानांतरित करवा सकता है। इस बचत खाते को शुरू करने के लिए पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड देना अनिवार्य रहता है। यदि निवेश की राशि पचास हजार रुपये से अधिक है तो पैन कार्ड संलग्न करना आवश्यक होता है, वहीं दस लाख रुपये या उससे अधिक के बड़े निवेश पर आमदनी के वैध स्रोत का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना पड़ता है।
ब्याज दर, कर नियम और खाते की विशेषताएं
वर्तमान समय में केंद्र सरकार इस योजना पर 7.5 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दे रही है। यह सुरक्षित और भरोसेमंद लघु बचत योजना मानी जाती है। हालांकि ध्यान रखने योग्य बात यह है कि इससे प्राप्त होने वाले ब्याज पर नियमानुसार आयकर चुकाना पड़ता है और इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80सी के अंतर्गत किसी प्रकार की टैक्स छूट नहीं मिलती। एक खाते में अधिकतम तीन व्यक्ति मिलकर संयुक्त रूप से निवेश कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर इस योजना को किसी अन्य पात्र व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर भी किया जा सकता है तथा नियमानुसार ब्याज पर टीडीएस भी काटा जा सकता है।
समय पूर्व खाता बंद करने के नियम
किसान विकास पत्र की निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले साधारण परिस्थितियों में निकासी संभव नहीं होती, परंतु कुछ विशेष स्थितियों में खाता बंद करने की छूट दी जाती है। खाताधारक या संयुक्त खाताधारकों का निधन हो जाने पर, अदालत का आदेश मिलने पर अथवा बैंक द्वारा खाता जब्त किए जाने पर इसे समय से पहले बंद किया जा सकता है। खाता खुलने के ढाई वर्ष यानी तीस महीने बीत जाने के पश्चात नियमानुसार मूल धन और जमा ब्याज वापस मिल जाता है। मृत्यु की स्थिति में जमा रकम नामांकित व्यक्ति या कानूनी वारिस को सौंप दी जाती है।
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बंधक रखने और खाते के स्थानांतरण की सुविधा
किसान विकास पत्र को विभिन्न वित्तीय संस्थानों, सरकारी विभागों, रिजर्व बैंक, अनुसूचित बैंकों या पंजीकृत हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के पास जमानत के तौर पर गिरवी भी रखा जा सकता है। इसके लिए डाकघर में आवेदन पत्र देना होता है। इसके अलावा नामांकित व्यक्ति, कानूनी वारिस या अदालती आदेश के तहत खाता एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर भी किया जा सकता है। इसलिए इसमें पैसा लगाने से पूर्व सभी नियमों को ध्यानपूर्वक समझना हितकर रहता है।
अस्वीकरण: यह सामग्री केवल सामान्य जागरूकता हेतु प्रदान की गई है। वित्तीय निवेश से जुड़ा कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पूर्व संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। किसी भी परिणाम के लिए संस्थान जिम्मेदार नहीं होगा।
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