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Today Betul Mandi Bhav : आज के कृषि उपज मंडी बैतूल के भाव (दिनांक 12 अक्टूबर, 2022)

Today Betul Mandi Bhav : कृषि उपज मंडी बैतूल में आज दिनांक 12, अक्टूबर, 2022 को विभिन्न जिंसों के भाव इस तरह रहे –

Today Betul Mandi Bhav : आज के कृषि उपज मंडी बैतूल के भाव (दिनांक 12 अक्टूबर, 2022)

20 अक्टूबर से इन अंगेती किस्मों की करें बुवाई, होगा भरपूर फायदा-Top & Best Wheat Variety 2022

देश में खरीफ सीजन अपने आखिरी चरण में हैं। धान की फसल पककर तैयार हो गई हैं, इन दिनों देश में खरीफ फसल धान की कटाई जोरों पर है, वहीं देश के कई राज्यों में धान की कटाई करके मंडियों में भी धान की आवक शुरू हो गई हैं। इसी बीच इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने रबी सीजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने किसानों को रबी सीजन में गेहूं की बुवाई के लिए किसानों को तैयार रहने को कहा है। ICAR ने किसानों को अगेती गेहूं की किस्म की बुवाई 20 अक्टूबर से शुरू करने की सलाह भी दी है। इसके साथ ही ICAR ने गेहूं की बुवाई के समय बरती जाने वाली सावधानियां, अधिक उत्पादन के प्रभावी तरीकों की भी जानकारी दी है। आज हम ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से जानते हैं कि इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने गेहूं की बुवाई के लिए किसानों को क्या दिशा-निर्देश दिए है।

20 अक्टूबर से इन अंगेती किस्मों की करें बुवाई, होगा भरपूर फायदा-Top & Best Wheat Variety 2022

खरीफ फसलों की कटाई के 1 सप्ताह के अंदर करें खेत की जुताई

इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने अपनी एडवाइजरी में खरीफ फसलों की कटाई करने के बाद एक सप्ताह के अंदर खेत की जुताई करने की सलाह दी है। हालांकि किसानों को खेत की गहरी जुताई करने से मना किया गया है। क्योंकि गहरी जुताई करने के कारण बुवाई के समय बीज जमीन में अधिक गहराई में चले जाते है जिससे बीज में उचित अंकुरण नहीं होता है। इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने बताया कि अगर किसी किसान का खेत खरीफ फसलों की कटाई करने के बाद सूख गया है, तो ऐसे खेतों की जुताई करने से पहले खेत की सिंचाई करना चाहिए उसके बाद ही खेतों की जुताई करने की सलाह दी हैं।

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जल्द पूरी कर ले गेहूं की अगेती किस्म की बुवाई

इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने किसानों को गेहूं की अगेती किस्म की बुवाई 20 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच करने की सलाह दी है। गेहूं की अगेती किस्म की बुवाई 20 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच करने पर सिर्फ एक सिंचाई करने की आवश्यकता होगी। इसी तरह ICAR ने समय से होने वाली गेहूं की बुवाई के लिए 10 नवंबर से 25 नवंबर तक का समय निर्धारित किया है। इनमें 4 से 5 सिंचाई करने की सलाह दी गई है।

इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने देर से गेहूं की बुवाई (पछेती किस्म) के गेहूं की बुवाई दिसंबर में करने की सलाह दी है, पछेती किस्म के गेहूं को भी 4 से 5 सिंचाई की आवश्यकता होगी। इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने जारी की गई अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि समय से पहले गेहूं की बुवाई करने से उत्पादन में कमी हो सकती है।

प्रमाणित बीजों का ही करें प्रयोग

इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने जारी की गई एडवाइजरी में किसानों को गेहूं की बुवाई के लिए रोगमुक्त व प्रमाणित बीजों का प्रयोग करने की सलाह दी है।

इंडियन काउंसिल ऑफ एकेडमिक रिसर्च (ICAR) ने जारी एडवाइजरी में कहा है कि बीजों का चयन करते समय एक ही किस्म के बीजों का प्रयोग करें। दो किस्मों के बीजों को एकसाथ नहीं मिलाएं। वहीं किसानों को प्रमाणित बीज नहीं होने पर बीजों को उपचारित करने की सलाह दी है।बीजों को प्रमाणित करने के लिए थाईरम और कैपटन का प्रयोग किया जा सकता है। बीज उपचार करने की इस प्रक्रिया के बाद बीज को छाया में सूखाना चाहिये और बीज अच्छी तरह से सूखाने के बाद ही खेतों में इसकी बुवाई करनी चाहिए।

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गेहूं की खेती (wheat cultivation) करते समय ध्यान रखने योग्य बातें

बीजों में जल्दी अंकुरण पाने के लिए बीजों को कुछ समय पानी में भिगोकर एवं छाया में सुखाकर बुवाई करना अत्यंत लाभकारी होता है। इस प्रक्रिया को बीज प्राइमिंग कहते हैं।

अच्छे उत्पादन के लिए इन तीन चरण में करें गेहूं की खेती 

पहला चरण- (20 अक्टूबर से 10 नवंबर) के लिए अगेती गेहूं की किस्मों में एचडी 2967, डब्ल्यूएच 542, यूपी 2338, एचडी 2687, डब्लयूएच 1105 और देसी गेहूं सी-306 किस्में अच्छी है।

दूसरा चरण- (11 नवंबर से 25 नवंबर) के लिए डब्ल्यूएच 542, डब्ल्यूएच 711, डब्ल्यूएच 283, डब्ल्यूएच 416 किस्मों की बुवाई की जा सकती है।

तीसरा चरण- (25 नवंबर से 25 दिसंबर) के लिए पछेती किस्म एचडी 2851, यूपी 2338, आरएजे 3765, पीबीडब्ल्यू 373, आरएजे 3077 की बुवाई कर सकते हैं।

इस समय किसान पहले चरण की बुवाई कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पहले चरण की किस्मों का चयन कर सकते हैं।

News Source: Tractorjunction 

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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