मध्यप्रदेश अपडेट

Aditya L1 Mission: चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब सूर्य मिशन “आदित्य-एल1” की बारी; इस दिन होगा लॉन्च

Aditya L1 Mission, Chandrayaan-3, aditya l1 mission in hindi, aditya-l1 mission launch date, aditya-l1 mission upsc, aditya-l1 launch, aditya-l1 mission launch vehicle, aditya l1 mission launch date and time, aditya l1 mission budget, aditya-l1 mission drishti ias,

Aditya L1 Mission: चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब सूर्य मिशन "आदित्य-एल1" की बारी; इस दिन होगा लॉन्च Aditya L1 Mission: (नई दिल्ली)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सफल चंद्रयान मिशन के बाद, भारत के पहले सूर्य मिशन “आदित्य-एल1” (Aditya L1 Mission)  के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) पूरी तरह तैयार है। संभवतः यह मिशन 2 सितंबर को लॉन्च होगा। यूपी के मैनपुरी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया भारत के चंद्रयान मिशन का जश्न मना रही है और अब सूर्य मिशन में लोगों की रुचि भी कई गुना बढ़ गई है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने विस्तार से बताया कि सूर्य अंतरिक्ष मिशन आदित्य –एल 1, सात पेलोड्स (बोर्ड पर उपकरणों) के साथ ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पोलर सैटेलाईट लॉन्च वेहिकल -पीएसएलवी) का उपयोग करेगा। उन्होंने आगे कहा कि अंतरिक्ष यान सूर्य-पृथ्वी प्रणाली के लैग्रेंज बिंदु-1 (एल 1) के चारों ओर एक प्रभामंडल कक्षा (हैलो ऑर्बिट) में स्थित होगा।

Aditya L1 Mission: चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब सूर्य मिशन "आदित्य-एल1" की बारी; इस दिन होगा लॉन्चयह हैलो आर्बिट पृथ्वी से लगभग 15 लाख (1.5 मिलियन) किलोमीटर की दूरी पर है, जबकि प्रभामंडल कक्षा में स्थापित किए गए उपग्रह को सूर्य को बिना किसी ग्रहण के लगातार देखने का प्रमुख लाभ मिलेगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि, मंगल और चंद्रमा मिशन के बाद, आदित्य एल-1 तीसरा ऐसा मिशन है। यह मिशन सूर्य से प्राप्त ऊर्जा स्रोतों का अध्ययन करेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसका पूरा श्रेय देते हुए मंत्री डॉ. ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को अतीत की बेड़ियों से मुक्त करने का ऐसा साहसी निर्णय लेने की पहल नहीं की होती तो यह सब संभव ही नहीं होता जैसा किसी अन्य पिछली सरकार ने किया ही नहींI परिणामस्वरूप, आज चार वर्ष की छोटी सी अवधि के भीतर ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वित्तीय संसाधनों में वृद्धि होने के साथ ही स्टार्ट-अप्स की संख्या 4 से बढ़कर 150 हो गई है।

Aditya L1 Mission: चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब सूर्य मिशन "आदित्य-एल1" की बारी; इस दिन होगा लॉन्चभारत की उपग्रह प्रक्षेपण सुविधा की विश्वसनीयता अचानक इतनी बढ़ गई है कि अब तक यूरोपीय उपग्रहों के प्रक्षेपण से भारत ने 26 करोड़ यूरो से अधिक की कमाई की है तथा अमेरिकी उपग्रह के प्रक्षेपण से भारत ने 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई की है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा वैज्ञानिक समुदाय का सम्मान बढ़ाने के कारण ही है कि आज हमारे पास सूर्य के लिए पहला अंतरिक्ष मिशन भेजने का आत्मविश्वास और दृढ़ विश्वास है।

Related Articles

Back to top button