UPSC Success Story: पिता का मिला सहयोग, बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में 260वीं रैंक हासिल कर स्वाति मीणा बन गई आईएएस ऑफिसर
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UPSC Success Story: यूपीएससी की परीक्षा भारत की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक है। यूपीएससी परीक्षा पास कर देश की सबसे सर्वश्रेष्ठ नौकरी पाना बहुतों का सपना होता है लेकिन कुछ ही इसे हासिल कर पाते हैं। सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले लाखों उम्मीदवारों में से मुश्किल से कुछ ही उम्मीदवारों का अंतिम रूप से चयन किया जाता है। इस एग्जाम को पास करने वाले हर शख्स की कहानी खास है, ये कहानी और ज्यादा खास तब हो जाती है, जब कोई इसे छोटी उम्र में भी पास कर लेता है। जानिए कैसे स्वाति मीणा सिर्फ 22 साल की उम्र में अपने बैच की सबसे यंगेस्ट आईएएस अफसर बनीं।

मां चलाती थीं पेट्रोल पंप
स्वाति मीणा की मां पेट्रोल पंप चलाती थीं इसलिए उनके पिता उनकी यूपीएससी की तैयारी में सहायता करते थे। स्वाति मीणा ने पहले प्रयास में साल 2007 में यूपीएससी परीक्षा पास की, जिसमें उन्हें 260वीं रैंक मिली और वह एक आईएएस ऑफिसर बनीं।
स्वाति मीणा का परिवार और शिक्षा (UPSC Success Story)
स्वाति ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अजमेर से पूरी की। उनकी मां चाहती थीं कि स्वाति डॉक्टर बनें। स्वाति ने भी अपनी मां की इच्छा को ही अपना लक्ष्य बना लिया। लेकिन जब वह 8वीं क्लास में थीं तो उनकी रिश्तेदारी में उनकी एक मौसी अधिकारी बनी। मौसी के अफसर बनने पर स्वाति ने पिता के चेहरे पर खुशी देखी तो उन्होंने तय कर लिया कि वह भी यूपीएससी की तैयारी करेंगी और पिता के लिए अफसर बन जाएंगी।

आईएएस बनने का सफर
स्वाति मीणा ने अपनी पढ़ाई पूरी की और आईएएस परीक्षा के लिए तैयारी भी करती रही हैं। उनके पिता स्वाति की पढ़ाई में मदद किया करते थे। स्वाति की मां उन दिनो पेट्रोल पंप चलाती थीं, तो उनके पिता ने ही स्वाति को लिखित परीक्षा से लेकर इंटरव्यू तक के लिए तैयार कराया। क्योंकि स्वाति ने बचपन से ही अपना लक्ष्य तय कर लिया था, यही वजह है कि महज 22 साल की उम्र में स्वाति ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। साल 2007 में आयोजित यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया में लेवल पर स्वाति ने 260 वीं रैंक हासिल की और अपने बैच की सबसे कम उम्र की आईएएस बन गईं।



