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Tapti Chunri Yatra: क्षेत्र की खुशहाली के संकल्प को लेकर विधायक निलय डागा ने निकाली चुनरी पदयात्रा, उमड़ा जनसैलाब, पुष्प वर्षा कर स्वागत

Tapti Chunri Yatra
फोटो : रानू हजारे

Tapti Chunri Yatra: मध्यप्रदेश के बैतूल में क्षेत्र और किसानों की खुशहाली का संकल्प लेकर कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बैतूल विधायक निलय डागा ने भव्य ताप्ती चुनरी पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा। पूरी पदयात्रा के दौरान जगह-जगह पदयात्रियों का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। इस बार ताप्ती मैया को 117 मीटर लंबी चुनरी चढ़ाई गई। जिसे श्रद्धालु पूरी पदयात्रा के दौरान हाथों में थामे रहे।

Tapti Chunri Yatra

मंगलवार सुबह 7 बजे बैतूल शहर के लल्ली चौक स्थित प्राचीन शिवमंदिर से चुनरी यात्रा प्रारंभ हुई। विधायक श्री डागा सिर पर चुनरी लेकर पहुंचे और पूजा अर्चना के बाद पदयात्रा शुरू हुई। श्री डागा की यह 6 वीं चुनरी पदयात्रा थी। जिसका जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया और पुष्प वर्षा की गई। श्री डागा ने 2017 में ताप्ती चुनरी पदयात्रा की शुरूआत की थी। पहले साल चुनरी की लंबाई 111 मीटर थी।

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उन्होंने संकल्प लिया था कि चुनरी पदयात्रा कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर हर साल की जाएगी। हर साल चुनरी की लंबाई एक मीटर बढ़ाई जाएगी। यही कारण है कि इस वर्ष छटवें साल पर हुई ताप्ती चुनरी पदयात्रा में 117 मीटर लंबी चुनरी थी। जिसे हाथों में लेकर पदयात्रा के माध्यम से खेड़ी स्थित ताप्ती घाट के लिए रवाना हुए। विधायक श्री डागा अपनी पत्नी श्रीमती दीपाली डागा के साथ कंधे पर ध्वज रखकर पदयात्रा के आगे-आगे चल रहे थे।

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भजन मंडली रही आकर्षण का केंद्र

इस पदयात्रा में भजन मंडली आकर्षण का केंद्र रही। पदयात्रा में 24 भजन मंडलियां शामिल हुई थीं। इन भजन मंडलियों के बीच एक प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया है। इस प्रतियोगिता के लिए एक निर्णायक मंडल का भी गठन किया गया। जो भी भजन मंडली अच्छा प्रस्तुतिकरण करेगी, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। यही कारण है कि प्रतियोगिता को लेकर ट्रैक्टर ट्रॉली पर भजन गाते हुए मंडली अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति दे रही थी।

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आदिवासी परंपरा की भी दिखी झलक

प्राचीन शिव मंदिर से शुरू हुई चुनरी यात्रा के सबसे आगे आदिवासी समाज के लोक कलाकारों के द्वारा पारंपरिक आदिवासी नृत्य ढोल की थाप पर करते हुए पदयात्रा में चल रहे थे। इस पारंपरिक नृत्य को देखकर लोग आकर्षित भी हो रहे थे। कुछ लोग आदिवासी समाज की पारंपरिक वेषभूषा में भी नजर आए। इनका इतना आकर्षण था कि कई लोग उनके साथ सेल्फी लेते भी नजर आए।

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पदयात्रा का हुआ भव्य स्वागत

ताप्ती चुनरी पदयात्रा के स्वागत के भी अलग-अलग नजारे देखने को मिले। कहीं पर पुष्प वर्षा हो रही थी तो कहीं पर लोगों ने सड़क पर सुंदर रांगोली डालकर पदयात्रा का स्वागत किया। कुछ जगह पदयात्रा के स्वागत के लिए रेड कॉरपेट भी बिछाया गया था। कई जगह पर पदयात्रा के स्वागत के लिए आतिशबाजी भी की गई। पदयात्रा का स्वागत कई समितियों, समाजों के द्वारा और व्यवसायियों के द्वारा अपने-अपने तरीके से किया गया। कहीं शीतल पेय तो कहीं शरबत तो तो कहीं फल भी वितरित किए गए।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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