फायर ऑडिट के नाम पर चल रहा खेल, 50 हजार में बगैर इंतजाम के मिल रही एनओसी, अब फिर से होगी जांच पड़ताल

▪️ उत्तम मालवीय, बैतूल
कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस (Collector Amanbir Singh Bains) ने सोमवार को आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में कहा कि जिले के विभिन्न संस्थानों में आउट सोर्सिंग से किए जा रहे फायर ऑडिट का नगर पालिका के तकनीकी अमले द्वारा निरीक्षण किया जाएं। निरीक्षण के बाद ही सुनिश्चित किया जाए कि फायर ऑडिट एवं एनओसी (Fire Audit & NOC) नियमानुसार हो। फायर ऑडिट एवं एनओसी में लापरवाही करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएं।
इस संबंध में सूत्रों का कहना है कि फायर ऑडिट के नाम पर जिले में बड़ा खेल चल रहा है। फायर ऑडिट का करने वाली एजेंसियां बाहर की है। वे 50-50 हजार रुपए लेकर बिना किसी इंतजाम के ही एनओसी दे रही हैं। यदि वास्तव में सभी व्यवस्थाएं की जाएं तो 5 से 6 लाख रुपए का खर्च आ रहा है। इसलिए संस्थान के संचालक भी खुशी-खुशी 50 हजार देकर एनओसी ले रहे हैं ताकि उनका लाइसेंस निरस्त ना हो और कारोबार चलता रहे। सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर श्री बैंस को भी ऐसी कुछ शिकायतें मिली थीं। इसी के चलते उन्हें यह आदेश देना पड़ा।
इधर जिले में 17 सितंबर से 31 अक्टूबर तक पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विभाग के अधिकारियों को उक्त अभियान की अभी से तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री बैंस ने कहा कि इस योजना के तहत कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाना है, उसका आकलन प्रारंभ कर दिया जाए। योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मैदानी अमला अभी से तत्पर हो जाए।
जल संकट वाले क्षेत्रों में भू-जल संवर्धन के कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जाएं
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि गुरूवा-पिपरिया क्षेत्र सहित जिले के ऐसे क्षेत्र चिन्हित किए जाएं कि जहां जल संकट की स्थिति बनती है। ऐसे स्थानों पर भू-जल संवर्धन (ground water enrichment) के कार्य कराने के लिए कार्य योजना तैयार की जाए। कार्ययोजना में बड़ी एवं छोटी जल संरचनाओं के निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
शैक्षणिक व्यवस्था का नियमित निरीक्षण हो
बैठक में कलेक्टर ने ग्राम गुरूवा-पिपरिया में आयोजित ग्राम संवाद कार्यक्रम में मिली शिकायतों का संदर्भ देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देशित किया कि जिले के अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की उपस्थिति में शैक्षणिक व्यवस्था सुचारू रहे, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि गुरूवा-पिपरिया में मिली शिकायतें यह दर्शाती हैं कि जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में शिक्षकों की उपस्थिति एवं कामकाज का रवैया संतोषजनक नहीं है।
दोनों विभागों के अंतर्गत बीईओ एवं बीआरसी का निरीक्षण रोस्टर तैयार किया जाए एवं मैदानी शैक्षणिक व्यवस्था पर पैनी निगरानी रखी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति एवं शैक्षणिक व्यवस्था की गुणवत्ता पर ध्यान रखा जाना विभागीय अधिकारियों की जवाबदारी है। उन्होंने स्कूल भवनों में आवश्यक मरम्मत कार्य भी सुनिश्चित करने के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।
जननी सुरक्षा योजना में भुगतान की स्थिति सुधरे
गुरूवा-पिपरिया के ग्राम संवाद कार्यक्रम में मिली शिकायतों के संदर्भ में ही कलेक्टर श्री बैंस ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना में हितग्राही को समय पर भुगतान मिले, इस बात पर ध्यान दिया जाए। संस्थागत प्रसव में हितग्राहियों को राशि नहीं मिलने की स्थिति न बने। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना (संबल 2.0) (Chief Minister Jan Kalyan Yojana Sambal 2.0) अंतर्गत अपात्र हुए हितग्राहियों का पुन: सत्यापन किया जाए एवं पात्र हितग्राहियों को संबल कार्ड जारी किए जाएं।
मोबाइल नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में लगेंगे बीएसएनएल के मोबाइल टावर
बैठक में बीएसएनएल BSNL के अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले के मोबाइल नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में बीएसएनएल द्वारा 4जी मोबाइल टावर लगाने की कार्ययोजना है। जिसके तहत अभी तक 272 स्थानों का चिन्हांकन किया गया है। कलेक्टर ने इन टावर्स की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक औपचारिकता को पूर्ण करने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं
उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए संचालित हो रहे अभियान में अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड तैयार किए जाएं।



