आसमान से बरसी फसलों पर कीटनाशक दवाई, नजारा देख चौक उठे किसान और ग्रामीण
अभी तक फसलों पर दवाई का छिड़काव किसानों को खुद ही पूरे खेत में खुद ही घूम-घूम कर करना होता था। इस दौरान कई किसान हादसों का शिकार भी होते रहे हैं। इन सबके विपरीत आज किसान और ग्रामीण यह देखकर हैरान हो गए कि बिना किसी के दवा हाथ में पकड़े या खेत में घूमे ही पूरे खेत में आसमान से दवा बरस गई। यही नहीं जिस काम को करने उन्हें घंटों का समय लगता था, वह काम कुछ मिनटों में व्यवस्थित रूप से हो गया।
दरअसल, खेती में ड्रोन के उपयोग से किसानों के साथ फसल को क्या लाभ है, इसका प्रदर्शन बुधवार को ग्राम भैंसदेही में सोहागपुर में स्थित शुगर मिल प्रबंधन के द्वारा कराया गया। इस दौरान किसानों की मौजूदगी में ड्रोन की मदद से 10 लीटर पानी और दवा के घोल का एक एकड़ रकबे में लगी गन्ना की फसल पर मात्र सात मिनट में छिड़काव कर दिया गया। इस प्रदर्शन से किसानों को यह तकनीक सबसे बेहतर लगी और इसके उपयोग से समय के साथ खर्च भी कम लग रहा है।
श्रीजी शुगर मिल प्रा लिमिटेड के संचालक अभिषेक गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा खेती में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अवनिक एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के सहयाेग से बैतूल जिले में ड्रोन की सुविधा मुहैया कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

इसके लिए सबसे पहले किसानों को इस नई तकनीक से अवगत कराया जा रहा है। बुधवार को मलकापुर और सोहागपुर जोन में 17 किसानों के खेतों में लगी गेहूं, गन्ना की फसलों पर कीटनाशक, उर्वरक का ड्रोन की मदद से छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। किसानों ने इस दौरान देखा कि कैसे उनके एक एकड़ खेत में लगी फसल पर पल भर में ही दवा का शत प्रतिशत मात्रा में छिड़काव हो गया है।

अवनिक एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के संचालक विकास जावंधिया और विकास माहेश्वरी के द्वारा किसानों के हित में विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। उनके द्वारा किसान एप फसल सेतु के नाम से बनाया है। इसमें किसानों को फसल से संबंधित पूरी जानकारी मुहैया कराने के साथ किसानों के समूह में चर्चा, फसल पर कीट प्रकोप या अन्य समस्या का काल सेंटर की मदद से समाधान कराने से लेकर कीटनाशक एवं अन्य कृषि उपयोगी दवाएं घर तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। आने वाले समय में जिले के किसानों को भी यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

बुधवार को विभिन्न क्षेत्रों में दिए गए ड्रोन के प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक शिवकांत सोनी, शुगर मिल के गन्ना प्रबंधक अनुज तोमर विशेष रूप से मौजूद रहे। किसान के खेत में लगी गन्ने की फसल में छिड़कान का प्रदर्शन करने के बाद प्रशिक्षक शिवकांत ने बताया कि ड्रोन से छिड़काव के संबंध में किसानों को प्रशिक्षण देने का मुख्य उद्देश्य यह है कि इससे किसान स्वयं यह समझ सकें कि इस तकनीक से समय और लगने वाला खर्च तो बच ही रहा है।
दवा का छिड़काव भी एक समान हो रहा है। इसका बेहतर लाभ भी फसल को मिलेगा। गन्ना प्रबंधक अनुज तोमर ने बताया कि शुगर मिल प्रबंधन के द्वारा किसानों अभी इसकी जानकारी मुहैया कराई जा रही है। इसके बाद किसानों को प्रबंधन की ओर से ड्रोन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगा।
जिले के उन्नत किसान सापना निवासी बंटी वर्मा ने बताया कि ड्रोन की मदद से गन्ना की खेती करने वाले किसान बारिश के दिनों में फसल के बढ़ जाने और जल भराव के कारण उसमें लगने वाले रोग का जहां प्रबंधन बेहतर ढंग से कर पाएंगे वहीं फसलों में खाद एवं पोषक तत्वों का छिड़काव भी आसानी से कर पाएंगे।
वर्तमान में किसानों को बारिश के दिनों में फसल के बढ़ जाने से उसमें खाद और कीटनाशक का छिड़काव करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ड्रोन के उपयोग से किसानों को एक एकड़ में 200 रुपये का खर्च ही आएगा। जबकि श्रमिक की मदद से एक एकड़ में छिड़काव करने पर 300 से 400 रुपये का खर्च आता है और समय अधिक लगता है।



