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panchayat sachiv mp: मध्य प्रदेश के पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों पर बड़ी कार्रवाई: अब निजी घरों से नहीं चल सकेंगे दफ्तर

Major action against Panchayat Secretaries and Rozgar Sahayaks in Madhya Pradesh: Offices can no longer be operated from private homes.

panchayat sachiv mp: मध्य प्रदेश के पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों पर बड़ी कार्रवाई: अब निजी घरों से नहीं चल सकेंगे दफ्तर
panchayat sachiv mp: मध्य प्रदेश के पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों पर बड़ी कार्रवाई: अब निजी घरों से नहीं चल सकेंगे दफ्तर

panchayat sachiv mp: मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से एक नया और सख्त आदेश जारी किया गया है, जिसके अनुसार राज्यभर की लगभग तेईस हजार ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों पर अपने निजी घरों या अन्य ठिकानों से कार्यालय संचालित करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब सभी कर्मचारियों को निर्धारित कार्य दिवसों के दौरान अनिवार्य रूप से पंचायत भवन अथवा सामुदायिक व बहुउद्देशीय भवनों के भीतर बैठकर ही अपने सभी सरकारी दायित्वों का निर्वहन करना होगा।

निरीक्षण के दौरान उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं

हाल ही में चलाए गए मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान तथा वरिष्ठ अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान यह बात प्रमुखता से सामने आई थी कि कई ग्रामीण इलाकों में सचिव और रोजगार सहायक पंचायत कार्यालय जाने के बजाय अपने निजी आवासों से ही फाइलों का निपटारा कर रहे हैं। इसके अलावा पंचायतों के पैसों से खरीदी गई कीमती सामग्रियां जैसे कंप्यूटर, कुर्सी, टेबल, टेलीविजन और अन्य जरूरी सामान भी सरकारी कार्यालय के स्थान पर निजी या असुरक्षित जगहों पर रखे पाए गए थे, साथ ही दफ्तर के समय पर कर्मचारियों के न मिलने की शिकायतें भी लगातार बढ़ रही थीं।

विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस तरह की लापरवाही प्रशासनिक दृष्टिकोण से बेहद आपत्तिजनक है क्योंकि इससे आम जनता के दैनिक कार्य बाधित होते हैं और शासन की साख पर भी असर पड़ता है।

जिला प्रशासन और सीईओ को जारी किए गए निर्देश

इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सभी जिलों के जिला कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र भेजकर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि जिन ग्राम पंचायतों में पक्के भवन बने हुए हैं, वहां तय समय पर नियमित रूप से कार्यालय चलाया जाए, और यदि कोई भवन जर्जर या अधूरा है तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सामुदायिक अथवा बहुउद्देशीय भवनों का उपयोग किया जाए।

इसके साथ ही पंचायत की सभी संपत्तियों, आईटी उपकरणों और स्टॉक का भौतिक सत्यापन करवाने के आदेश भी दिए गए हैं, ताकि बिना अनुमति के गायब रहने वाले या काम में कोताही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध तुरंत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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