madhya pradesh weather: दिवाली से पहले बदलेगा एमपी का मौसम: 28 अक्टूबर से नया सिस्टम होगा एक्टिव, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
Madhya Pradesh weather: Weather in MP to change ahead of Diwali; a new system will become active from October 28, with heavy rain alerts issued for several districts.

madhya pradesh weather: दिवाली से ठीक पहले मध्य प्रदेश के मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने जा रहा है, क्योंकि मौसम विभाग के अनुसार आगामी अट्ठाइस अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ चुनिंदा हिस्सों में एक नया शक्तिशाली मौसम तंत्र (सिस्टम) सक्रिय होने जा रहा है। हालांकि, उससे पहले के अगले तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहने और बारिश की कोई संभावना न होने का अनुमान जताया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र आगे चलकर और अधिक मजबूत होकर एक गहरे डिप्रेशन में बदल सकता है, जिसके सीधे प्रभाव से अट्ठाइस अक्टूबर को शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जैसे जिलों में भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने और बादल छाए रहने के पूरे आसार हैं। दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग के अंतर्गत आने वाले इलाकों में मौसम सामान्य रूप से साफ रहने तथा दिन के समय तेज धूप खिलने की संभावना है।
बारिश का पिछला दौर थमने के बाद प्रदेशभर में रात के तापमान में खासी गिरावट दर्ज की जाने लगी है, जिससे अब गुलाबी ठंड का अहसास तेजी से बढ़ने लगा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार कटनी जिले के करौंदी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान गिरकर सबसे कम 12.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि इंदौर में 13.4 डिग्री, अमरकंटक में 13.6 डिग्री, दमोह व पचमढ़ी में 14 डिग्री तथा शाजापुर और बैतूल में न्यूनतम पारा 14.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, अमरकंटक, मलाजखंड, शिवपुरी, बैतूल और पचमढ़ी जैसे क्षेत्रों में दिन का अधिकतम तापमान 27.4 से 29.4 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, हालांकि कुछ चुनिंदा इलाकों में दिन का पारा अब भी 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही दर्ज किया जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञों के पिछले दस वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह सामने आया है कि अक्टूबर के महीने में अमूमन बारिश, तेज गर्मी और हल्की ठंड तीनों ही तरह की मौसमी स्थितियां एक साथ देखने को मिलती हैं, और इस बार भी मौसम का यही मिला-जुला मिजाज बरकरार है। इस वर्ष मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई आधिकारिक तौर पर 3 अक्टूबर को ही हो चुकी थी, लेकिन उसके बावजूद अक्टूबर के इस पूरे महीने में बीच-बीच में लगातार सक्रिय होते रहे विभिन्न मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला है।
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यदि पूरे मानसून सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस वर्ष राज्य में मानसून लगभग 100 दिनों तक सक्रिय अवस्था में रहा, जिसके बाद भी पूरे प्रदेश में कुल औसत बारिश सामान्य आंकड़े (37.3 इंच) से लगभग चार प्रतिशत कम दर्ज की गई है। सीजन की शुरुआत में यानी जून महीने के दौरान सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, हालांकि जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश होने से स्थिति में काफी सुधार जरूर आया था, लेकिन पूरे सीजन के दौरान दो बार लंबे समय तक मानसून ब्रेक लगने के कारण जून महीने की उस शुरुआती कमी को अंत तक पूरी तरह से भरा नहीं जा सका।
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच बारिश के आंकड़ों में भी स्पष्ट अंतर देखने को मिला है, जहाँ जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल वर्षा का आंकड़ा सामान्य से करीब चार प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया है, वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी जैसे कई जिलों में अभी भी पांच से इक्कीस प्रतिशत तक की कमी बनी हुई है।
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इसके विपरीत पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में स्थिति और अधिक कमजोर रही, जहाँ आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा जैसे जिलों में सामान्य से नौ प्रतिशत से लेकर इक्यावन प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के कुल 25 जिलों में ही इस बार बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो पाया है, जबकि शेष 30 जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है, यही कारण है कि अक्टूबर के इन अंतिम दिनों में सक्रिय होने जा रहा यह नया मौसम तंत्र बारिश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।
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