MP Road Construction: मध्यप्रदेश में 7 जिलों के 35 निर्माण कार्यों की जांच, खराब सड़क बनाने वाले ठेकेदार पर ब्लैकलिस्ट की तैयारी
MP Road Construction: 35 construction projects across 7 districts in Madhya Pradesh under investigation; move underway to blacklist contractors responsible for poor-quality roads.

MP Road Construction: भोपाल। प्रदेश में सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। इसी सिलसिले में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव ने सात जिलों में कराए गए 35 निर्माण कार्यों की जांच रिपोर्टों का आकलन किया। समीक्षा के दौरान जहां निर्माण की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली, वहां जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और जरूरी सुधार कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण दलों की ओर से बताई गई कमियों को दूर करने में देरी नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारियों को तय समय में कार्रवाई पूरी करने और निर्माण स्थलों पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया।
सात जिलों में 35 निर्माण कार्यों की जांच
विभाग के सात निरीक्षण दलों ने 22 अक्टूबर को विदिशा, बालाघाट, श्योपुर, बड़वानी, मऊगंज, शाजापुर और दमोह जिलों में औचक निरीक्षण किया था। जांच के लिए 35 निर्माण कार्यों को यादृच्छिक यानी रैंडम तरीके से चुना गया था। इनमें लोक निर्माण विभाग के सड़क एवं पुल से जुड़े 21 कार्य, परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू-भवन) के छह कार्य, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के सात निर्माण कार्य और मध्यप्रदेश भवन विकास निगम का एक कार्य शामिल रहा। निरीक्षण दलों की रिपोर्ट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की गई और कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
बलवाड़ी–देवली–धवली मार्ग की गुणवत्ता पर उठे सवाल
समीक्षा के दौरान बड़वानी जिले में पीजी योजना के तहत बनाए जा रहे 20.89 किलोमीटर लंबे बलवाड़ी–देवली–धवली मार्ग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। संबंधित कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारी और उपयंत्री को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा इंदौर के मुख्य अभियंता को संबंधित ठेकेदार मेसर्स सोरथिया वेलजी रत्ना एंड कंपनी, वडोदरा के विरुद्ध ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा गया है। इस कदम का उद्देश्य निर्माण में मिली कमियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर जवाबदेही तय करना है।
बड़वानी–बंधान मार्ग के काम की तारीफ
दूसरी ओर, बड़वानी जिले में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की पीजी योजना के अंतर्गत बड़वानी–बंधान–अंबापानी–सिंधी–खोदरा–सिलावद मार्ग का निर्माण संतोषजनक और गुणवत्तापूर्ण पाया गया। इस काम के लिए संभागीय प्रबंधक श्रीमती पूनम कछवा, सहायक महाप्रबंधक कमलेश गोले और ठेकेदार मेसर्स बड़वानी–बंधान हाईवे प्राइवेट लिमिटेड, उदयपुर के प्रयासों की प्रशंसा की गई। निरीक्षण में शामिल बाकी 28 निर्माण कार्यों में भी जहां जरूरत थी, वहां आंशिक सुधार करने के निर्देश दिए गए।
लोकपथ ऐप की शिकायतें चार दिन में सुलझाने पर जोर
बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेने और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के अनुसार उनका निराकरण करने को कहा गया। मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण यंत्रियों को निर्देश दिए गए कि वे शिकायतों की नियमित समीक्षा करें, ताकि अगले महीने की ग्रेडिंग में बेहतर परिणाम मिल सकें। लोकपथ ऐप के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों को निर्धारित चार दिन की समय-सीमा में हल करना जरूरी बताया गया। इसके साथ ही आम लोगों को इस ऐप की सुविधा के बारे में जानकारी देने और इसका अधिक से अधिक उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
सड़क मरम्मत और सुरक्षा के कामों को मिलेगी प्राथमिकता
प्रबंध संचालक भरत यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुधार के साथ सुरक्षा से जुड़े जरूरी काम भी समय पर पूरे किए जाएं। इसके तहत सड़क किनारे उगी झाड़ियों को हटाने, रोड मार्किंग करने, साइन बोर्डों की मरम्मत और पेंटिंग कराने तथा सड़कों एवं पुलियों का आवश्यक रखरखाव जल्द पूरा करने को कहा गया। उन्होंने सड़क मरम्मत के लिए छोटी अवधि और लंबी अवधि की अलग-अलग कार्य योजनाएं तैयार करने तथा उनके अनुसार प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
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निर्माण स्थलों पर रोशनी और काम की गति बढ़ाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों को निर्धारित रफ्तार से पूरा करने और कार्यस्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था बनाए रखने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को 30 अक्टूबर तक पूरे किए जाने वाले संधारण कार्य तय समय में समाप्त कर उनके पूर्ण होने के प्रमाण-पत्र लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही संजय ऐप और लोक परियोजना प्रबंधन प्रणाली (एलपीपीपी) का अधिकाधिक इस्तेमाल करने को कहा गया। विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि किसी निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के 10 दिनों के भीतर निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए, जिससे काम शुरू होने में अनावश्यक देरी न हो।
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वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रमुख अभियंता (सड़क एवं पुल) आर.एल. वर्मा, प्रमुख अभियंता (एमपीआरडीसी) के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता (भवन) एस.आर. बघेल और प्रमुख अभियंता (एमपीबीडीसी) अजय श्रीवास्तव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री और निरीक्षण करने वाले अधिकारी भी ऑनलाइन शामिल हुए। सभी को निर्माण की गुणवत्ता, समय-सीमा और जन शिकायतों के निराकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
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