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EPFO Wage Limit: ईपीएफओ वेतन सीमा में बढ़ोतरी का बड़ा असर: जानिए 20 हजार सैलरी पर अब कितना कटेगा पीएफ और पेंशन

EPFO Wage Limit: Significant impact of an increase in the EPFO ​​wage limit – find out how much PF and pension will now be deducted on a salary of 20,000.

EPFO Wage Limit: ईपीएफओ वेतन सीमा में बढ़ोतरी का बड़ा असर: जानिए 20 हजार सैलरी पर अब कितना कटेगा पीएफ और पेंशन
EPFO Wage Limit: ईपीएफओ वेतन सीमा में बढ़ोतरी का बड़ा असर: जानिए 20 हजार सैलरी पर अब कितना कटेगा पीएफ और पेंशन

EPFO Wage Limit: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा न्यूनतम वेतन सीमा में बढ़ोतरी किए जाने के बाद नौकरीपेशा लोगों के भविष्य निधि अंशदान और पेंशन योजना के नियमों में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि आपका प्रतिमाह ईपीएफ वेतन बीस हजार रुपये तय है और अब तक आप केवल भविष्य निधि योजना का ही लाभ ले रहे हैं, तो संशोधित नए दिशानिर्देशों के आने से आपको कर्मचारी पेंशन योजना की सदस्यता भी अनिवार्य रूप से लेनी पड़ सकती है। इस नए बदलाव के कारण आपके खुद के मासिक वेतन से कटने वाले पैसों तथा नियोक्ता संस्था की ओर से जमा की जाने वाली कुल राशि के सही गणित और विभाजन को आसानी से समझना बेहद जरूरी हो गया है।

बीस हजार रुपये के मूल वेतन पर पीएफ का हिसाब

भविष्य निधि संगठन द्वारा जारी अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची में दिए गए ताजा उदाहरण के अनुसार वेतन सीमा पच्चीस हजार रुपये तक बढ़ा दिए जाने के बाद बीस हजार रुपये मासिक आय वाले कर्मियों को पेंशन योजना से जोड़ दिया जाएगा। चालू वर्ष के अक्टूबर महीने के वेतन से प्रभावी होने वाले इस नए नियम के तहत कर्मचारी और कंपनी दोनों का संयुक्त अंशदान कुल मिलाकर चौबीस प्रतिशत यानी चार हजार आठ सौ रुपये प्रतिमाह बनेगा। इसमें से कर्मचारी का व्यक्तिगत हिस्सा चौबीस सौ रुपये रहेगा, जबकि कंपनी द्वारा जमा कराई जाने वाली कुल चार हजार आठ सौ रुपये की राशि में से पेंशन खाते में सोलह सौ छियासठ रुपये और पीएफ खाते में सात सौ चौंतीस रुपये भेजे जाएंगे।

कर्मचारी की टेक होम सैलरी से कटने वाली राशि

यदि आपकी आधिकारिक ईपीएफ सैलरी बीस हजार रुपये निर्धारित की गई है, तो आपकी कुल कमाई में से बारह प्रतिशत का हिस्सा पीएफ खाते के लिए काटा जाएगा। इस प्रकार हर महीने आपके मूल वेतन में से दो हजार चार सौ रुपये काटकर सीधे आपके भविष्य निधि खाते में सुरक्षित जमा कर दिए जाएंगे। कर्मचारी के व्यक्तिगत योगदान के लिए निर्धारित बारह प्रतिशत की यह तय दर पूरी तरह से स्थिर रहेगी और इसमें किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कंपनी द्वारा जमा की जाने वाली राशि का विभाजन

जिस प्रकार कर्मचारी अपने वेतन से बारह फीसदी हिस्सा पीएफ में देता है, ठीक उसी तरह नियोक्ता कंपनी भी कर्मचारी के तय वेतन का बारह प्रतिशत ही योगदान देती है। हालांकि, कंपनी की ओर से जमा की जाने वाली यह पूरी रकम अकेले भविष्य निधि खाते में नहीं जाती है। इस कुल राशि का एक बड़ा भाग कर्मचारी पेंशन योजना में स्थानांतरित किया जाता है, जबकि बचा हुआ छोटा हिस्सा भविष्य निधि खाते में डाला जाता है। बीस हजार रुपये के वेतन पर कंपनी का कुल जमा चौबीस सौ रुपये होगा, जिसमें से सोलह सौ छियासठ रुपये पेंशन में और सात सौ चौंतीस रुपये पीएफ में जमा होंगे।

अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएगी नई गणना

संगठन द्वारा स्पष्ट किए गए उदाहरणों के मुताबिक अक्टूबर महीने के पूरे वेतन चक्र के लिए यह नई गणितीय गणना प्रभावी रूप से लागू कर दी जाएगी। सीमा बढ़ाए जाने के पश्चात पात्र कर्मचारियों की पेंशन पात्रता और वित्तीय अंशदान का यह नया विभाजन पूरी तरह से बदल जाएगा। इसलिए सभी कर्मचारियों को यह भली-भांति समझ लेना चाहिए कि उनकी सैलरी से कटने वाले दो हजार चार सौ रुपये सीधे पीएफ में जाएंगे, जबकि कंपनी के हिस्से का बड़ा भाग पेंशन योजना का आधार बनेगा।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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