MP Swamitva Yojana: स्वामित्व योजना 2026: सीएम मोहन यादव और नितिन नबीन ने बांटे अधिकार पत्र, गांवों में खुशी की लहर
MP Swamitva Yojana: Swamitva Scheme 2026: CM Mohan Yadav and Nitin Nabin distributed ownership certificates; a wave of joy swept through the villages.

MP Swamitva Yojana: इन्दौर शहर से राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनके मकान और जमीन का वास्तविक हक दिलाने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत की है। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि स्वामित्व योजना के माध्यम से गांवों में रहने वाली आबादी को उनकी जायदाद का पक्का कानूनी मालिकाना हक प्राप्त होगा। प्रदेश के लगभग 41 हजार से भी अधिक गांवों में एक महीने की अवधि तक सभी जरूरी दस्तावेजों का बिना किसी शुल्क के पंजीयन कराने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अपनी पैतृक जमीन या मकान का सपना हर नागरिक के दिल से गहराई से जुड़ा होता है। इंदौर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद नितिन नबीन की गरिमामयी मौजूदगी में 2026 की इस योजना के तहत आम लोगों को उनके घर की रजिस्ट्री के कागजात सौंपे गए।
सेवा संकल्प और विकास का नया अध्याय
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के पावन अवसर पर पूरे देश में सेवा संकल्प का दौर शुरू हुआ है। इस शुभ अवसर पर मध्य प्रदेश की पवित्र धरती पर पहली बार राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का आगमन हुआ, जिनका राज्य की जनता की तरफ से सहदय स्वागत किया गया। दुनिया भर में भारत के बढ़ते प्रभाव की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में पूरे विश्व ने देश की ताकत को महसूस किया है। इसके साथ ही आज निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती भी है, जिन्होंने समाज में मेहनत-मजदूरी और छोटे काम करने वाले लोगों को अपने पैरों पर खड़े होने की नई प्रेरणा दी।
महिलाओं के कल्याण और तीर्थ स्थलों का विकास
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहनों की भलाई के लिए अब तक 55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक मदद सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। इसके अलावा उद्योगों में काम करने वाली बहनों को हर महीने 5000 रुपये का अलग से प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रदेश में भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े पवित्र स्थलों को धार्मिक तीर्थ के रूप में संवारा जा रहा है। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान तीन हितग्राहियों को मंच से सीधे निशुल्क संपत्ति रजिस्ट्री प्रदान की गई।

देवी अहिल्याबाई की प्रेरणा और 50 लाख लोगों को लाभ
समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर ने सुशासन और महिला सशक्तिकरण की जो मजबूत नींव रखी थी, यह योजना उसी परंपरा को आगे बढ़ाती है। उन्होंने दशकों से अपने घर के मालिकाना हक से वंचित रहे ग्रामीणों को सम्मान से जीने का अवसर दिया है। मध्य प्रदेश की सरकार ने लगभग 68 लाख भूखंडों का सर्वे पूरा किया है, जिसमें से 50 लाख परिवारों को मुफ्त में संपत्ति की रजिस्ट्री सौंपी जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए सरकार लगभग 4000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक दायरा
नितिन नबीन ने आगे कहा कि देश में 80 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को मुफ्त राशन सामग्री पहुंचाई जा रही है और जरूरतमंदों के बैंक खाते खोलकर उन्हें स्वावलंबी बनाया गया है। कारीगरों के लिए विश्वकर्मा योजना, युवाओं के लिए स्टार्टअप मिशन और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम तेज गति से चल रहा है। आज देश भर में दो लाख से अधिक नए स्टार्टअप युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। देश के सीमावर्ती इलाकों के विकास को भी प्राथमिकता दी गई है।
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सुशासन और पारदर्शिता का नया मॉडल
कार्यक्रम में उपस्थित उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि यह कदम सिर्फ कागजी दस्तावेज देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर गरीब परिवार के सुरक्षित भविष्य की पक्की गारंटी है। वहीं वरिष्ठ विधायक और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विचार रखते हुए कहा कि ग्रामीण मकानों की आधिकारिक रजिस्ट्री मिलने से लोगों को भविष्य में बैंक से लोन लेने में भारी आसानी होगी, जिससे वे अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं। गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन, बैंक खाते, पक्के मकान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया गया है। इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से अपनी संपत्ति पर निवास कर रहे लोगों को उनके मकानों और भूमि के वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में स्वामित्व योजना महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया।

तीन चरणों में आयोजित होंगे विशेष शिविर
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने के लिए ग्राम तथा पंचायत स्तर पर तीन अलग-अलग चरणों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। पहला चरण 17 से 19 सितंबर तक, दूसरा चरण 24 से 26 सितंबर तक तथा तीसरा चरण 1 से 3 अक्टूबर के बीच आयोजित होगा। इसके तहत सारा और संपदा मोबाइल एप की मदद से पटवारी और तहसीलदार स्तर के अधिकारी मौके पर ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करेंगे। काम खत्म होते ही दस्तावेज सीधे नागरिक के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया जाएगा।
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विकास प्रदर्शनी का अवलोकन और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नितिन नबीन और अन्य अतिथियों ने राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस भव्य कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री करण सिंह वर्मा, तुलसीराम सिलावट, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, सांसद शंकर लालवानी, गजेंद्र पटेल, कविता पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, विधायक रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मालिनी गौड़, महेंद्र हार्डिया, उषा ठाकुर, मधु वर्मा, मनोज पटेल सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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