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PM Cares for Children: माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए केंद्र सरकार की योजना: पढ़ाई से लेकर आर्थिक मदद की पूरी जानकारी

PM CARES for Children: Central Government scheme for children who lost their parents – complete details ranging from education to financial assistance.

PM Cares for Children: माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए केंद्र सरकार की योजना: पढ़ाई से लेकर आर्थिक मदद की पूरी जानकारी
PM Cares for Children: माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए केंद्र सरकार की योजना: पढ़ाई से लेकर आर्थिक मदद की पूरी जानकारी

PM Cares for Children: वैश्विक महामारी कोविड-19 ने देश के कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया था। इस आपदा में अनेक मासूमों ने अपने माता-पिता, अभिभावकों या फिर कानूनी तौर पर गोद लेने वाले पालकों को हमेशा के लिए खो दिया। इन बच्चों के सिर से साया उठने के बाद न केवल उनके भरण-पोषण की चुनौती खड़ी हुई, बल्कि उनके शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी संकट के बादल मंडराने लगे। ऐसे कठिन समय में केंद्र सरकार ने इन असहाय बच्चों का संबल बनने का संकल्प लिया। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के माध्यम से सरकार ने एक ऐसी व्यापक रूपरेखा तैयार की है जो इन बच्चों को वित्तीय स्थिरता देने के साथ-साथ उनके सुरक्षित भविष्य का आधार भी बनाती है।

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का नया स्वरूप और क्रियान्वयन

कोविड काल में अनाथ हुए बच्चों को जीवन में दोबारा संभलने का अवसर देने के लिए केंद्र सरकार ने इस विशेष पहल की शुरुआत की। यह व्यवस्था केवल तात्कालिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों की शुरुआती शिक्षा से लेकर वयस्क होने तक उनका पूरा ध्यान रखती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत 31 राज्यों तथा 558 जिलों में अब तक 4,543 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना का विस्तार देश के दूर-दराज के हिस्सों तक सफलतापूर्वक हो रहा है।

वयस्क होने पर प्राप्त होगी 10 लाख रुपये की मुश्त राशि

योजना का एक प्रमुख स्तंभ बच्चों के लिए 10 लाख रुपये का समर्पित कोष निर्मित करना है। इस व्यवस्था के अंतर्गत पात्र लाभार्थी के नाम से एक निश्चित राशि इस प्रकार जमा की जाती है कि जब वह 18 वर्ष की आयु पूरी करे, तब तक यह राशि बढ़कर 10 लाख रुपये बन जाए। इसके बाद 18 से 23 वर्ष की अवधि के दौरान इस कोष से मिलने वाले ब्याज के जरिए बच्चे को हर महीने वित्तीय मदद दी जाती है। जब लाभार्थी 23 साल का हो जाता है, तो पूरी 10 लाख रुपये की राशि उसे सौंप दी जाती है, जिससे वह अपने स्वतंत्र जीवन और करियर की शुरुआत मजबूती से कर सके।

कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को मिलेगी वार्षिक छात्रवृत्ति

स्कूल में पढ़ाई कर रहे पात्र बच्चों के शैक्षणिक खर्चों को पूरा करने के लिए सरकार ने छात्रवृत्ति का स्पष्ट प्रावधान रखा है। आधिकारिक अपडेट के अनुसार, कक्षा एक से बारहवीं तक के छात्रों को 20,000 रुपये प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप दी जाती है। इस कुल राशि में हर महीने दिए जाने वाले 1,000 रुपये का भत्ता और सालाना 8,000 रुपये का शिक्षा भत्ता शामिल है। इस धनराशि की मदद से बच्चे अपनी स्कूल की फीस, किताबें, पोशाक, जूते और अन्य आवश्यक सामग्री खरीद सकते हैं। यह रकम सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

छह वर्ष से कम आयु के शिशुओं के लिए भी विशेष सुविधाएं

योजना के तहत छह साल से छोटे बच्चों की देखभाल का जिम्मा भी उठाया गया है। ऐसे नन्हे बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण, प्राथमिक शिक्षा, समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा, जिन बच्चों की उम्र 10 वर्ष से कम है, उनका प्रवेश नजदीकी सरकारी स्कूल, केंद्रीय विद्यालय या निजी शिक्षण संस्थान में कराने का प्रबंध किया जाता है। सरकारी संस्थानों में पढ़ाई करने वाले बच्चों को नियमानुसार किताबें और वर्दी प्रदान की जाती है, जबकि निजी संस्थानों में शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सुविधाएं मिलती हैं।

किशोर अवस्था के विद्यार्थियों के लिए विशेष आवासीय व्यवस्था

11 से 18 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों की निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी योजना में विशेष दिशा-निर्देश शामिल हैं। यदि बच्चा अपने संबंधियों के पास रह रहा है, तो पास के किसी विद्यालय में उसका दाखिला कराया जाता है। वहीं जरूरत महसूस होने पर बच्चों को नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, एकलव्य मॉडल स्कूल या अन्य आवासीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाता है। सरकार की प्राथमिकता यही है कि अभिभावक के न रहने से किसी भी बच्चे की पढ़ाई में रुकावट न आए।

पांच लाख रुपये का निशुल्क स्वास्थ्य बीमा आवरण

शिक्षा और आर्थिक संबल के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत सभी पात्र बच्चों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ जोड़ा जाता है। इसके तहत प्रत्येक बच्चे को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धन के अभाव में किसी भी बच्चे का इलाज न रुके और उसे बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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