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Edible Oil Price: क्या रक्षाबंधन और त्यौहारों पर महंगे होंगे खाद्य तेल? सोयाबीन, पाम ऑयल और सरसों तेल के ताजा भाव

Edible Oil Prices: Will edible oils become costlier during Raksha Bandhan and the festive season? Latest rates for soybean, palm, and mustard oils.

Edible Oil Price: क्या रक्षाबंधन और त्यौहारों पर महंगे होंगे खाद्य तेल? सोयाबीन, पाम ऑयल और सरसों तेल के ताजा भाव
Edible Oil Price: क्या रक्षाबंधन और त्यौहारों पर महंगे होंगे खाद्य तेल? सोयाबीन, पाम ऑयल और सरसों तेल के ताजा भाव

Edible Oil Price: आगामी त्यौहारों की आहट के साथ ही भारतीय बाजार में आयातित खाद्य तेलों की लिवाली में उल्लेखनीय तेजी देखी जा रही है। घरेलू खाद्य तेलों की तुलना में दाम कम होने के कारण सोयाबीन तेल, कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल की कीमतें पिछले सप्ताह काफी मजबूत स्थिति में दर्ज की गईं। इसके अलावा बाजार में बिनौला तेल की उपलब्धता कम होने और बड़ी ब्रांडेड कंपनियों की औद्योगिक मांग में अचानक उछाल आने से इसके भाव में भी काफी सुधार आया है। दूसरी ओर देसी तेल-तिलहन के महंगे होने से सरसों की बिक्री पर विपरीत असर पड़ा है, जबकि सोयाबीन प्रोसेसिंग प्लांटों द्वारा घटाए गए खरीद भाव के चलते सोयाबीन तिलहन में नरमी देखने को मिली। मूंगफली तेल और तिलहन के भाव ऊंचे स्तर पर मांग धीमी रहने से जस के तस बने रहे।

विदेशी तेजी से सोयाबीन तेल चढ़ा, सरसों में आई सुस्ती

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि देसी खाद्य तेल आयातित तेलों के मुकाबले 20 से 24 रुपये प्रति किलो तक महंगे बिक रहे हैं। ऊंची कीमत के चलते सरसों तेल-तिलहन की मांग प्रभावित हुई है, जिससे इसके दामों में हल्की गिरावट आई है। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूती के संकेत मिलने से सोयाबीन तेल के दाम सुधरे हैं। हालांकि सोयाबीन प्रोसेसिंग प्लांट किसान भाइयों से सस्ते दर पर खरीद करने के लिए अक्सर दामों में फेरबदल करते रहते हैं, जिससे बीते सप्ताह सोयाबीन तिलहन टूट गया। फिलहाल आयातक अपनी पड़त से भी कम कीमत पर सोयाबीन और पाम तेल बेचने को मजबूर हैं।

औद्योगिक लिवाली बढ़ने से पामोलीन और बिनौला हुए मजबूत

किफायती होने के कारण पामोलीन तेल की औद्योगिक मांग में जबरदस्त तेजी आई है, जिससे पाम और पामोलीन के बाजार भाव तेज रहे। इसी तरह ब्रांडेड कंपनियों की मजबूत मांग और सीमित आवक के चलते बिनौला तेल भी तेजी के साथ बंद हुआ। कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, सरसों दाना 50 रुपये टूटकर 8,250 से 8,300 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों दादरी तेल 50 रुपये घटकर 16,700 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल भी 5-5 रुपये की मामूली मंदी के साथ क्रमशः 2,720-2,820 रुपये और 2,720-2,870 रुपये प्रति टिन (15 किलो) पर बंद हुए।

सोयाबीन, सीपीओ और पामोलीन तेल के ताजा बाजार भाव

समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोयाबीन दाना और लूज का थोक भाव 125-125 रुपये गिरकर क्रमशः 6,775-6,825 रुपये और 6,625-6,725 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। हालांकि रिफाइंड सेगमेंट में दिल्ली सोयाबीन तेल 125 रुपये सुधरकर 15,800 रुपये, सोयाबीन इंदौर 125 रुपये बढ़कर 15,650 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 200 रुपये की मजबूती के साथ 12,200 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया। सीपीओ 250 रुपये उछलकर 13,950 रुपये, पामोलीन दिल्ली 275 रुपये चढ़कर 15,850 रुपये और पामोलीन कांडला 275 रुपये बढ़कर 14,600 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। बिनौला तेल भी 25 रुपये की तेजी के साथ 17,125 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि मूंगफली के तमाम किस्मों के भाव स्थिर बने रहे।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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