Pandhurna Doctor Arrest: अवैध गर्भपात और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में सरकारी डॉक्टर गिरफ्तार, एक आरोपी अब भी फरार
Pandhurna Doctor Arrest: Government doctor arrested on charges of illegal abortion and destruction of evidence; one accused remains at large.

Pandhurna Doctor Arrest: बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और अवैध रूप से गर्भपात कराने के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पीड़िता का अवैध रूप से गर्भपात पांढुर्णा की एक सरकारी डॉक्टर द्वारा अपने निजी क्लिनिक पर किया गया था। वहीं उसकी हालत बिगड़ने पर नागपुर ले जाया गया था। इधर जब आरोपियों को एफआईआर होने की भनक लगी तो वे पीड़िता को छोड़ कर फरार हो गए। पुलिस ने सरकारी डॉक्टर को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि 17 जून को थाना मुलताई में एक महिला द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसके गांव के निवासी मोनू पिता पुरुषोत्तम साहू ने पिछले लगभग छह माह से उसकी नाबालिग बेटी के साथ घर एवं पशु बांधने के स्थान पर कई बार जबरन दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी। लगातार दुष्कर्म से नाबालिग गर्भवती हो गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार हेतु पहले छिंदवाड़ा और बाद में नागपुर ले जाया गया। यहां चिकित्सकीय परीक्षण में पता चला कि उसका गर्भपात कराया गया है। गर्भपात के बाद उसकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई और उसे नागपुर के आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।
दुष्कर्म का आरोपी पूर्व में ही गिरफ्तार
शिकायत पर थाना मुलताई में भारतीय न्याय संहिता एवं पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुख्य आरोपी मोनू साहू को 22 जून को गिरफ्तार कर मुलताई न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेजा जा चुका है। मामले की विस्तृत विवेचना, पीड़िता एवं परिजनों के कथनों तथा उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए।
सरकारी डॉक्टर ने किया था गर्भपात
जांच में सामने आया कि पांढुर्णा के सिविल अस्पताल में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर चेतना चरपे (पति आकाश कराले), उम्र 31 वर्ष ने अपने बिना पंजीकृत क्लिनिक में नाबालिग पीड़िता का अवैध रूप से गर्भपात किया। आरोपी डॉक्टर ने चिकित्सकीय नियमों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी होने के बावजूद घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी। साथ ही गर्भपात से प्राप्त भ्रूण को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखने के बजाय नष्ट कर दिया।
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हालत बिगड़ने पर ले गए थे नागपुर
इसके साथ ही मुख्य आरोपी के भाई गजेंद्र उर्फ सोनू साहू के कहने पर 14-15 जून 2026 की रात्रि पीड़िता को अपने क्लीनिक में अवैध रूप से रखकर उसका उपचार किया गया। इससे पीड़िता के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ और उसकी हालत बेहद बिगड़ गई। इसके बाद उसे नागपुर ले जाया गया। नागपुर में एक निजी अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। यहां करीब 6 से 7 लाख रुपये इलाज पर खर्च किए गए। इस बीच एफआईआर होने की जानकारी मिलने पर आरोपी पीड़िता को छोड़कर फरार हो गए। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी कि उनका इलाज का 2 से 3 लाख रुपये बकाया है। इसलिए आगे इलाज नहीं कर पाएंगे।
आरोपी डॉक्टर को किया गिरफ्तार
सरकारी डॉक्टर चेतना चरपे के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने उसे पांढुर्णा से गिरफ्तार कर लिया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 88, 238(ख), 61(2)(क) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 16, 17 एवं 21 के साथ-साथ गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम (एमटीपी एक्ट) की धारा 3(4)(क), 4, 5(3) एवं 5(4) का इजाफा किया गया है। आरोपी डॉक्टर को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं एक आरोपी गजेंद्र साहू की तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। प्रकरण के खुलासे एवं कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास पटेल, चौकी प्रभारी दुनावा आम्रपाली डाहट, प्रधान आरक्षक सुनील पंद्राम, आरक्षक अभिषेक और महिला आरक्षक मेघा का विशेष योगदान रहा।
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