Betul Stubble Burning Action: नरवाई जलाने पर सख्ती के संकेत, कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे ने अधिकारियों को लगाई फटकार
Betul Stubble Burning Action: Signs of strictness on stubble burning, Collector Dr. Saurabh Sonawane reprimanded the officials

Betul Stubble Burning Action: खेती में छोटी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है और नरवाई जलाने के मामले इसी की एक बड़ी मिसाल हैं। बैतूल में हुई अहम बैठक में कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे ने साफ कर दिया कि अब ऐसी घटनाओं पर ढिलाई नहीं चलेगी। साथ ही उन्होंने खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए कई जरूरी निर्देश भी दिए।
बैठक में कई विभागों की रही मौजूदगी
बैतूल के कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार को कृषि उत्पादन समूह की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने की। इसमें कृषि और उससे जुड़े विभागों के जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारी, एफपीओ प्रतिनिधि, कस्टम हायरिंग सेंटर के सदस्य और किसान संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
कृषि योजनाओं और फसलों पर हुई समीक्षा
बैठक की शुरुआत कृषि विभाग की समीक्षा से हुई। उप संचालक कृषि ने विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। ग्रीष्मकालीन फसलों में सिंचाई के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया। साथ ही मूंगफली और उड़द के रकबे को बढ़ाने के विकल्पों पर चर्चा की गई।
सस्टेनेबल खेती पर दिया जोर
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को मृदा स्वास्थ्य के अनुसार खेती करने के साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुपालन अपनाने की सलाह दी। उनका कहना था कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी और जमीन की गुणवत्ता भी बनी रहेगी।
खरीफ फसलों को लेकर दिए अहम सुझाव
बैठक में खरीफ सीजन की तैयारी पर भी चर्चा हुई। वर्तमान हालात को देखते हुए मक्का और सोयाबीन की फसल पर ध्यान देने को कहा गया। सोयाबीन की पैदावार बढ़ाने के लिए मेढ़-नाली और रेज्ड बेड पद्धति अपनाने की सलाह दी गई। साथ ही जुलाई के अंत से अगस्त के मध्य तक कीट नियंत्रण करने के निर्देश दिए गए।
- यह भी पढ़ें : Betul Farm Dispute Murder: CRPF के पूर्व जवान की खेत की मेड़ के विवाद में हत्या, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
नरवाई जलाने पर जताई नाराजगी
उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कलेक्टर ने भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की और पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान नरवाई जलाने की घटनाओं पर कम कार्रवाई को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और सख्ती बरतने के संकेत दिए।
फसल बीमा और किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा
बैठक में 4 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को जल्द बीमा राशि देने के निर्देश दिए गए। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, एफपीओ और अन्य विभागों के बीच समन्वय बनाकर किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया गया।
- यह भी पढ़ें : Betul Humanity News: बैतूल से नेपाल तक इंसानियत की डोर, हेमंत खंडेलवाल की पहल से मिला सम्मानजनक अंतिम सफर
पशुपालन और अन्य योजनाओं की समीक्षा
पशुपालन विभाग के कामकाज की भी समीक्षा की गई। इसमें कृत्रिम गर्भाधान, पशु रोग नियंत्रण, दुग्ध उत्पादन और मिल्क रूट की जानकारी ली गई। चारा विकास और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत चयनित 37 गांवों में गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
अंत में कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समन्वित कार्ययोजना बनाएं और उसे प्रभावी तरीके से लागू करें, ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।
सोशल मीडिया पर बैतूल अपडेट की खबरें पाने के लिए फॉलो करें-
- हमारे यूट्यूब चैनल पर खबरें देखने के लिए : यहां क्लिक करें
- वाट्सअप चैनल पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक ग्रुप पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- फेसबुक पेज पर खबरें पाने के लिए : यहां क्लिक करें
- एक्स पर खबरें पाने के लिए: यहां क्लिक करें
देश–दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com

