ATM Small Notes Withdrawal: बड़ा बदलाव: अब एटीएम से निकलेंगे 10, 20 और 50 रुपये के नोट, सरकार ने दी अहम जानकारी
छुट्टे पैसों की समस्या होगी कम, आरबीआई शुरू कर रहा है खास एटीएम मशीनों का पायलट प्रोजेक्ट

ATM Small Notes Withdrawal: डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों की जिंदगी को काफी आसान बना दिया है, लेकिन इसके साथ एक नई समस्या भी सामने आई है। कई बार जब लोग किसी दुकान पर 100 या 500 रुपये का नोट देते हैं तो दुकानदार के पास छुट्टे पैसे नहीं होते। ऐसे में छोटे नोटों की कमी की चर्चा होने लगी है। हालांकि सरकार का कहना है कि छोटे मूल्य के नोटों की कोई कमी नहीं है और लोगों की सुविधा के लिए अब एटीएम से भी 10, 20 और 50 रुपये के नोट देने की तैयारी की जा रही है।
एटीएम से छोटे नोट क्यों नहीं मिलते
अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि एटीएम से पैसा निकालते समय केवल बड़े नोट ही क्यों निकलते हैं और 10, 20 या 50 रुपये के नोट क्यों नहीं मिलते। इस मुद्दे पर राज्यसभा में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि पारंपरिक एटीएम मशीनों से आम तौर पर छोटे मूल्य के नोट जारी नहीं किए जाते हैं। यही कारण है कि अधिकांश एटीएम से 100, 200 या 500 रुपये के नोट ही मिलते हैं।
छोटे नोटों के लिए शुरू हुआ नया प्रयोग
सरकार ने अब लोगों की इस परेशानी को कम करने के लिए नई पहल शुरू की है। वित्त राज्य मंत्री ने जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक ने छोटे मूल्य के नोट उपलब्ध कराने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके तहत ‘स्मॉल वैल्यू डिस्पेंसर’ नाम की विशेष मशीनें लगाई जा रही हैं। इन मशीनों से 10, 20 और 50 रुपये के नोट निकाले जा सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को रोजमर्रा के लेनदेन के लिए आसानी से छुट्टे पैसे उपलब्ध कराना है।
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बड़ी संख्या में जारी किए गए छोटे नोट
सरकार के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भी बाजार में छोटे मूल्य के नोटों की पर्याप्त आपूर्ति की गई है। 26 फरवरी तक केंद्रीय बैंक ने 10 रुपये के लगभग 439.40 करोड़ नोट जारी किए हैं। इसी तरह 20 रुपये के करीब 193.70 करोड़ और 50 रुपये के लगभग 130.30 करोड़ नोट बाजार में उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले वित्त वर्ष में भी बड़ी मात्रा में छोटे नोट जारी किए गए थे। उस समय 10 रुपये के करीब 180 करोड़, 20 रुपये के लगभग 150 करोड़ और 50 रुपये के करीब 300 करोड़ नोटों की आपूर्ति की गई थी।
सिक्कों से भी पूरी होती है जरूरत
वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक देश की आर्थिक गतिविधियों के आधार पर अलग-अलग मूल्य के नोटों की जरूरत का आकलन करता है और उसी के अनुसार नोटों की छपाई की सिफारिश करता है। छोटे मूल्य के लेनदेन के लिए केवल नोट ही नहीं बल्कि सिक्कों का भी व्यापक उपयोग किया जाता है। इसके अलावा कम राशि के भुगतान में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
RuPay KCC कार्ड से बढ़ा डिजिटल लेनदेन
संसद में दिए गए एक अन्य जवाब में मंत्री ने बताया कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में 31 दिसंबर 2025 तक RuPay KCC कार्ड के जरिए लगभग 3.72 लाख डिजिटल लेनदेन किए गए। इन लेनदेन का कुल मूल्य करीब 111.17 करोड़ रुपये रहा। इससे यह साफ है कि देश में डिजिटल भुगतान का उपयोग लगातार बढ़ रहा है और लोग तेजी से नकदी के साथ-साथ डिजिटल विकल्प भी अपना रहे हैं।
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