खेती किसानी

MP Agriculture Cabinet: एमपी की पहली कृषि कैबिनेट में 27746 करोड़ का ऐलान, किसानों को सिंचाई और फूड प्रोसेसिंग की बड़ी सौगात

MP Agriculture Cabinet: शिखरधाम में हुई ऐतिहासिक बैठक, 6 विभागों की 16 योजनाओं को मंजूरी; डेयरी, सहकारिता और उद्यानिकी क्षेत्र के लिए हजारों करोड़ का प्रावधान

MP Agriculture Cabinet: एमपी की पहली कृषि कैबिनेट में 27746 करोड़ का ऐलान, किसानों को सिंचाई और फूड प्रोसेसिंग की बड़ी सौगात
MP Agriculture Cabinet: एमपी की पहली कृषि कैबिनेट में 27746 करोड़ का ऐलान, किसानों को सिंचाई और फूड प्रोसेसिंग की बड़ी सौगात

MP Agriculture Cabinet: मध्य प्रदेश सरकार ने खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट बैठक बड़वानी जिले के नागलवाड़ी स्थित शिखरधाम में आयोजित की गई। इस बैठक में निमाड़ अंचल के सात जिलों को केंद्र में रखकर खेती, सिंचाई, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

बैठक से पहले वंदे मातरम का गायन

प्रसिद्ध भीलटदेव मंदिर की तलहटी में करीब आठ एकड़ क्षेत्र में अस्थायी डोम बनाकर बैठक की व्यवस्था की गई। यहीं पर मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई। कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल को छोड़कर अन्य सभी मंत्री उपस्थित रहे। बैठक से पहले वंदे मातरम का गायन हुआ और मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

किसान कल्याण के लिए इतनी राशि

बैठक में छह विभागों से जुड़ी कुल 16 योजनाओं पर सहमति बनी। इन योजनाओं पर राज्य सरकार 27 हजार 746 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पूरी राशि किसानों के हित में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर बांध बनने के बाद क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ है और अब कृषि, बागवानी तथा फलोत्पादन को और बढ़ावा दिया जाएगा।

किस विभाग के लिए कितना बजट

कृषि कल्याण विभाग के लिए 3502 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण की तीन योजनाओं पर 4264 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डेयरी और पशुपालन विभाग की चार योजनाओं के लिए 9408 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। मछुआ कल्याण से संबंधित दो योजनाओं पर 218.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सहकारिता विभाग की चार योजनाओं के लिए 8186 करोड़ रुपये और नर्मदा घाटी विकास विभाग के लिए 2068 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

सिंचाई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

नर्मदा घाटी विकास विभाग के तहत वरला घाटी माइक्रो सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई। 861 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस योजना से 15,500 हेक्टेयर क्षेत्र को पानी मिलेगा। पानसेमल सिंचाई परियोजना पर 1208 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे 53 गांवों के 22,500 हेक्टेयर खेतों को लाभ पहुंचेगा। इसके अलावा पाटी सूक्ष्म माइक्रो इरीगेशन परियोजना से 5900 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने का निर्णय लिया गया। कुल मिलाकर इन योजनाओं से लगभग 38 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को फायदा होगा।

फूड प्रोसेसिंग और मंडी विकास पर जोर

निमाड़ क्षेत्र में केला, मिर्च, आम और सब्जियों का उत्पादन 30,660 हेक्टेयर में हो रहा है। सरकार का मानना है कि यहां खाद्य प्रसंस्करण की बड़ी संभावनाएं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए क्लस्टर विकास, कोल्ड स्टोरेज और ग्रेडिंग क्षमता बढ़ाने पर काम किया जाएगा। बड़वानी में सभी फसलों के लिए आधुनिक सब्जी मंडी स्थापित की जाएगी। खेतिया की उपज मंडी को 10 करोड़ रुपये की लागत से आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे कपास और मक्का उत्पादकों को लाभ मिलेगा।

प्राकृतिक खेती और बीज उत्पादन

निमाड़ के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। इन्हें प्रदेश से बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा, ताकि लौटकर वे अन्य किसानों को प्रशिक्षित कर सकें। बड़वानी क्षेत्र में बीज निगम की 50 एकड़ भूमि को आदर्श प्रक्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां उच्च गुणवत्ता के बीज तैयार किए जाएंगे।

मछुआरों की मजबूत की जाएगी आजीविका

नर्मदा सरोवर से प्रभावित मछुआ समुदाय की आजीविका मजबूत करने के लिए 5 हजार केजों के माध्यम से हाइड्रोपोनिक्स, एक्वापोनिक्स, फिश फार्मिंग और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। इससे आय के नए अवसर तैयार होंगे।

पांच साल के लिए नीति को मंजूरी

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि क्लस्टर और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों की नीति को पांच वर्ष के लिए स्वीकृति दी गई है। सरकार का उद्देश्य है कि निमाड़ अंचल में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिले और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि हो। यह कृषि कैबिनेट बैठक निमाड़ सहित पूरे प्रदेश के किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। आने वाले समय में इन फैसलों का असर खेतों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में दिखाई देने की उम्मीद है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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