Illegal Colonies Law MP: प्रदेश में अवैध कॉलोनियों पर बड़ा एक्शन, तीन माह में सख्त कानून लाएगी सरकार
Illegal Colonies Law MP: विधानसभा में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति निर्माण पर चर्चा, सीधी मामले में अधिकारियों को नोटिस

Illegal Colonies Law MP: मध्य प्रदेश में तेजी से फैल रही अवैध कॉलोनियों को लेकर सरकार अब निर्णायक कदम उठाने जा रही है। विधानसभा में इस मुद्दे पर हुई चर्चा के बाद साफ हो गया है कि आने वाले तीन महीनों में सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। सरकार का कहना है कि अनियंत्रित शहरी विकास पर रोक लगाना जरूरी हो गया है।
विधायक रीति पाठक ने उठाया मामला
विधानसभा सत्र के नौवें दिन प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक रीति पाठक ने अवैध कॉलोनियों का मामला उठाया। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न शहरों में बिना अनुमति विकसित हो रही बस्तियों और प्लॉटिंग को लेकर सरकार से जवाब मांगा। इस पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है और अगले तीन माह में कड़ा कानून लाया जाएगा, ताकि अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।
बिना अनुमति कॉलोनियां और निर्माण
मंत्री ने सदन को बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों में नियमों को दरकिनार कर कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। इतना ही नहीं, इन कॉलोनियों में बिना वैधानिक स्वीकृति के मकानों का निर्माण भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग स्तर पर इस पर निगरानी बढ़ाई गई है और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वैध और अवैध कॉलोनियों पर अलग रुख
चर्चा के दौरान भाजपा विधायक सीताशरण शर्मा ने सुझाव दिया कि जो कॉलोनियां पहले से विकसित हो चुकी हैं, उन्हें नियमित करने पर विचार किया जाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि एक साथ दोनों प्रक्रियाएं नहीं चलाई जा सकतीं। मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि जिन कॉलोनियों को नियमों के तहत वैध बनाया जा सकता है, उनके लिए प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जबकि जो पूरी तरह नियमों के विपरीत हैं, उनके संबंध में अलग निर्णय लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में कार्रवाई
अवैध कॉलोनियों के बढ़ते मामलों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही नाराजगी जता चुके हैं। उनके निर्देश पर सभी जिलों के कलेक्टरों को ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद कई जिलों में कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन सख्त कानून न होने के कारण कुछ स्थानों पर अब भी प्लॉटों की बिक्री जारी है।
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दो साल में भी पूरा नहीं हुआ निर्माण
रीति पाठक ने सीधी नगर पालिका क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों और पुराने बस स्टैंड को तोड़कर नया शॉपिंग परिसर नहीं बनाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए सात करोड़ रुपये जारी किए गए थे, फिर भी दो साल में निर्माण पूरा नहीं हुआ। मामला सामने आने पर मंत्री ने सीधी के तत्कालीन सीएमओ, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और उपयंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। संबंधित आर्किटेक्ट को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि अब नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की लागत 12 करोड़ रुपये आंकी गई है और आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
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