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Tribal Land Sale MP: आदिवासी जमीन बिक्री मामला: 14 साल में 650 हेक्टेयर की अनुमति, 7 कलेक्टरों पर विधानसभा में उठे सवाल

Tribal Land Sale MP: 2009 से 2023 के बीच बुरहानपुर, खंडवा और इंदौर में आदिवासी भूमि हस्तांतरण को लेकर सरकार के आंकड़े आए सामने, जांच की मांग तेज

Tribal Land Sale MP: आदिवासी जमीन बिक्री मामला: 14 साल में 650 हेक्टेयर की अनुमति, 7 कलेक्टरों पर विधानसभा में उठे सवाल
Tribal Land Sale MP: आदिवासी जमीन बिक्री मामला: 14 साल में 650 हेक्टेयर की अनुमति, 7 कलेक्टरों पर विधानसभा में उठे सवाल

Tribal Land Sale MP: आदिवासी जमीन को गैर आदिवासियों को बेचने के मामलों ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के बाद सामने आए आंकड़ों ने यह मुद्दा फिर से गरमा दिया है। 14 वर्षों के दौरान सैकड़ों हेक्टेयर जमीन के हस्तांतरण की अनुमति दिए जाने पर विपक्ष ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

650 हेक्टेयर जमीन की अनुमति

विधानसभा में पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन के प्रश्न के उत्तर में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने जानकारी दी कि वर्ष 2009 से 2023 के बीच बुरहानपुर, खंडवा और इंदौर जिलों में आदिवासियों की कुल 650 हेक्टेयर जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति कलेक्टर स्तर से दी गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बुरहानपुर में 196 हेक्टेयर, इंदौर में 153 हेक्टेयर और खंडवा में 288 हेक्टेयर भूमि के विक्रय को स्वीकृति मिली। बताया गया कि इन अनुमतियों पर करीब सात कलेक्टरों के कार्यकाल में निर्णय लिए गए।

केवल विशेष परिस्थितियों में संभव

बाला बच्चन ने कहा कि वर्ष 2016-17 में मुख्य सचिव की ओर से निर्देश जारी किए गए थे कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही ऐसी बिक्री की अनुमति दी जाए। उनका आरोप है कि इन नियमों की अनदेखी करते हुए बड़े पैमाने पर जमीनों के हस्तांतरण की मंजूरी दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में निर्णय लिए गए, जो आदिवासी समाज के हितों के विपरीत है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

किसके कार्यकाल में कितनी स्वीकृति

बुरहानपुर जिले में 66 मामलों में से 64 को तत्कालीन कलेक्टर आशुतोष अवस्थी ने स्वीकृति दी। इंदौर में 28 प्रकरणों में कलेक्टर और 72 मामलों में अपर कलेक्टर ने अनुमति दी। इनमें राकेश श्रीवास्तव ने कलेक्टर रहते 16, पी. नरहरि ने 6, राघवेंद्र सिंह ने 1 तथा इलैयाराजा और निशांत बरवड़े ने दो-दो मामलों में स्वीकृति प्रदान की। खंडवा जिले में किस अधिकारी के कार्यकाल में अनुमति दी गई, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले

वर्ष 2023 में जबलपुर और कटनी जिलों में आदिवासी जमीन बिक्री से जुड़े प्रकरण में चार आईएएस अधिकारियों दीपक सिंह, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, बसंत कुर्रे और एमपी पटेल के खिलाफ लोकायुक्त में मामला दर्ज किया गया था। इससे पहले वर्ष 2016 में बैतूल जिले में अपर कलेक्टर पवन जैन को इसी तरह के मामले में निलंबित किया जा चुका है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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