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Khivni Wildlife Sanctuary MP: पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा एमपी का खिवनी अभयारण्य, इको-टूरिज्म का नया हॉटस्पॉट

विंध्य पर्वतमालाओं में बसा खिवनी अभयारण्य बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना

Khivni Wildlife Sanctuary MP: पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा एमपी का खिवनी अभयारण्य, इको-टूरिज्म का नया हॉटस्पॉट
Khivni Wildlife Sanctuary MP: पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा एमपी का खिवनी अभयारण्य, इको-टूरिज्म का नया हॉटस्पॉट

Khivni Wildlife Sanctuary MP: मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। इसी कड़ी में अब खिवनी अभयारण्य तेजी से एक खास पहचान बना रहा है। विंध्य पर्वतमालाओं के बीच स्थित यह क्षेत्र उन लोगों के लिए खास है, जो प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं। यहां की हरियाली, शांत वातावरण और जीव-जंतुओं की विविधता इसे इको-टूरिज्म के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।

दो जिलों में फैला है खिवनी अभयारण्य

खिवनी अभयारण्य देवास और सीहोर जिलों की सीमा पर फैला हुआ है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 134 वर्ग किलोमीटर है। इसमें से करीब 89.9 वर्ग किलोमीटर हिस्सा देवास जिले में आता है, जबकि 44.8 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र सीहोर जिले में स्थित है। यह अभयारण्य पहाड़ियों, घाटियों और छोटे-बड़े नदी-नालों से घिरा हुआ है, जो इसके प्राकृतिक सौंदर्य को और निखारते हैं।

प्रकृति संरक्षण और पर्यटन का संतुलन

खिवनी अभयारण्य में संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन को खास तौर पर ध्यान में रखा गया है। यहां घने जंगलों के साथ कई तरह के औषधीय पौधे पाए जाते हैं। ईको-पर्यटन विकास बोर्ड के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। सफारी संचालन, ठहरने और भोजन की व्यवस्था, साथ ही हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों से स्थानीय युवाओं और महिलाओं की आमदनी बढ़ रही है।

Khivni Wildlife Sanctuary MP: पर्यटकों की पहली पसंद बन रहा एमपी का खिवनी अभयारण्य, इको-टूरिज्म का नया हॉटस्पॉट

ठहरने के लिए आधुनिक टूरिस्ट कैंपस

पर्यटकों की सुविधा के लिए अभयारण्य में आधुनिक टूरिस्ट कैंपस विकसित किया गया है। यहां कॉटेज और टेंट में रुकने की सुविधा है। इसके अलावा वॉच टावर, पैगोडा और भोजन की उचित व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा mpforest.gov.in की ईको-टूरिज्म वेबसाइट के माध्यम से दी गई है।

इन वन्यजीवों के होते हैं दीदार

खिवनी अभयारण्य वन्यजीव प्रेमियों के लिए बेहद खास है। यहां बाघ, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, सोनकुत्ता, जंगल कैट, गोल्डन जैकाल और एशियन पाम सिवेट जैसे मांसाहारी जीव पाए जाते हैं। शाकाहारी जीवों में चीतल, सांभर, नीलगाय, चौसिंगा, कृष्णमृग, जंगली सूअर और खरहा शामिल हैं। इसके साथ ही यहां लगभग 170 प्रकार के पक्षी और करीब 65 प्रजातियों की तितलियां देखी जा सकती हैं।

यहाँ घूमने लायक प्रमुख स्थान

अभयारण्य के भीतर कई दर्शनीय स्थान हैं। बाल गंगा मंदिर, कलम तलई सनसेट पॉइंट, ईको व्यू पॉइंट, गोल कोठी, खिवनी मिडो, शंकर खो, भदभदा झरने, भूरी घाटी और दौलतपुर घाटी पर्यटकों को खास तौर पर आकर्षित करते हैं। बारिश के मौसम में यहां का नजारा और भी मनमोहक हो जाता है।

बड़े स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास

खिवनी अभयारण्य को बड़े स्तर पर पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यह भोपाल-इंदौर मार्ग पर आष्टा से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित है। इंदौर-नेमावर-हरदा मार्ग से कन्नौद होते हुए भी यहां पहुंचा जा सकता है। नजदीकी रेलवे स्टेशन हरदा है, जबकि सबसे पास के हवाई अड्डे इंदौर और भोपाल हैं। प्राकृतिक शांति और जैव विविधता के कारण खिवनी अभयारण्य मध्यप्रदेश के इको-टूरिज्म को नई दिशा दे रहा है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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