PM Kusum B Yojana Betul: पीएम कुसुम-बी से बैतूल के 3254 किसानों को बड़ी राहत, अब सिंचाई होगी बिना बिजली बिल
PM Kusum B Yojana Betul: सोलर पंप योजना के तहत जिले में लगे विशेष शिविर, हजारों किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगी स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा

PM Kusum B Yojana Betul: बैतूल जिले के किसानों के लिए खेती को सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल तेज़ी से आगे बढ़ रही है। केंद्र सरकार की पीएम कुसुम-बी योजना के तहत जिले में बड़ी संख्या में किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा देने की तैयारी की जा रही है, जिससे बिजली और डीजल पर निर्भरता कम होगी।
योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश
मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से बैतूल जिले में कुल 3254 किसानों का चयन सोलर पंप स्थापना के लिए किया गया है। प्रशासन स्तर पर योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी जनपद पंचायतों में लगे विशेष शिविर
कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षत जैन के मार्गदर्शन में 30 जनवरी को जिले की सभी जनपद पंचायतों में विशेष शिविर लगाए गए। इन शिविरों में चयनित किसानों की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
अब तक जिले में इतने प्रकरण पूरे
शिविरों के दौरान 258 किसानों की कस्टमर इंफॉर्मेशन फाइल तैयार की गई। वहीं 451 किसानों के एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से जुड़े प्रकरणों की प्रक्रिया वेंडरों द्वारा आगे बढ़ाई गई। अब तक जिले में 2256 एआईएफ और 2750 सीआईएफ प्रकरण पूरे हो चुके हैं।
क्या है पीएम कुसुम-बी योजना
पीएम कुसुम-बी योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण कृषि आधारित योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। इस योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना है। इसके तहत किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप दिए जाते हैं, ताकि वे सिंचाई के लिए बिजली या डीजल पर निर्भर न रहें।
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योजना को तीन भागों में किया गया लागू
पीएम कुसुम योजना को तीन भागों में लागू किया गया है, जिसमें कुसुम-बी एक अहम हिस्सा है। कुसुम-बी के अंतर्गत ऐसे किसान शामिल होते हैं जिनके पास खेती की जमीन है और जिन्हें सिंचाई के लिए पंप की जरूरत होती है। योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने की सुविधा दी जाती है, जो दिन में सूर्य की रोशनी से चलते हैं।
सिंचाई के लिए नहीं देना पड़ता बिजली बिल
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसानों को सिंचाई के लिए बिजली बिल नहीं देना पड़ता और डीजल पर होने वाला खर्च भी बच जाता है। सोलर पंप लंबे समय तक चलते हैं और इनके रखरखाव का खर्च भी कम होता है। इससे खेती की लागत घटती है और किसान की आमदनी बढ़ने की संभावना बनती है।
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केंद्र और राज्य सरकार देती हैं अनुदान
पीएम कुसुम-बी योजना में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अनुदान देती हैं। किसान को पूरी लागत नहीं चुकानी पड़ती, बल्कि एक हिस्सा सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में दिया जाता है। बाकी राशि बैंक ऋण या किसान के अंशदान से पूरी की जाती है।
पर्यावरण को भी होता है फायदा
इस योजना से पर्यावरण को भी फायदा होता है, क्योंकि सौर ऊर्जा से प्रदूषण नहीं फैलता। साथ ही, गांवों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ती है। पीएम कुसुम-बी योजना किसानों के लिए सिंचाई को आसान बनाने, खर्च कम करने और खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में एक उपयोगी कदम मानी जा रही है।
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