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Rural Road Construction Betul 2025: बैतूल के ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर खुद बनाई सड़क, सिस्टम पर उठे सवाल

Rural Road Construction Betul 2025: बैतूल। जब नेता खामोश हो गए, सिस्टम ने मुंह मोड़ लिया, तब इस गांव के लोगों ने खुद मोर्चा संभाल लिया। कीचड़ और जर्जर रास्ते (Betul Village Road) की मार झेल रहे ग्रामीणों ने उम्मीदों की जगह जमीनी हकीकत को चुना और अपनी मेहनत, चंदा व किराए की जेसीबी से एक किलोमीटर सड़क (Road Construction by Villagers) तैयार कर डाली।

ग्रामीणों के बुलंद हौसलों की यह कहानी (Rural Development Betul) है मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के ग्राम धौल (Dhaul Village Betul) की। बैतूल ब्लॉक के ग्राम धौल के ग्रामीण वर्षों से कच्ची सड़क की परेशानी (MP Rural News) झेल रहे थे। धौल ढाना से ग्राम लापाझिरी तक पहुंचने के लिए 5 किलोमीटर का कच्चा रास्ता ही एकमात्र सहारा था। बारिश में यह रास्ता कीचड़ से भर जाता और आवागमन ठप हो जाता। इस मार्ग से किसानों के खेत भी जुड़े हुए हैं, जिससे बरसात के मौसम में खेती तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता था।

कई बार लगाई गुहार, नहीं मिली मदद (Rural Road Construction Betul 2025)

ग्रामीणों ने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक और सांसद से गुहार लगाई, लेकिन कहीं से भी सहयोग नहीं (Infrastructure Neglect Madhya Pradesh) मिला। ग्राम पंचायत के सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, विधायक और सांसद सभी भाजपा से जुड़े होने के बावजूद इस समस्या की अनदेखी करते रहे। जब ग्रामीणों ने देखा कि कहीं से उम्मीद नहीं बची, तो उन्होंने स्वयं सड़क बनाने (Self Help by Villagers) का निर्णय लिया।

ग्रामीणों ने किया 50 हजार का चंदा (Rural Road Construction Betul 2025)

गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने आपस में मिलकर चंदा इकट्ठा (Chanda Se Sadak Nirman) किया। कुल 50 हजार रुपये जमा किए गए। फिर जेसीबी किराए पर लेकर बोल्डर और मुरम निकलवाए गए। ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से 5 किलोमीटर लंबे कच्चे मार्ग में से एक किलोमीटर हिस्से पर एक फीट ऊंची सड़क तैयार कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य सिर्फ शुरुआत है, बाकी हिस्से की सड़क भी ग्रामीण अपने प्रयासों से बनाना चाहते हैं।

इनका रहा प्रमुख रूप से सहयोग (Rural Road Construction Betul 2025)

इस कार्य में उपसरपंच आशाराम वरकडे, रतन भलावी, माडुसिंह वरकड़े, सिडुसिंह वरकड़े, अशोक वरकड़े, जयपाल वरकड़े, शिवकिशोर वरकड़े, नंदकिशोर वरकड़े, कुंदन भलावीं, कीर्तिराम वरकड़े, भारत वरकड़े, बलवंत वरकड़े, रामकिशोर धुर्वे, प्रेम भलावी, मूलचंद वरकड़े, लक्ष्मण धुर्वे, सेवकराम गावंडे, रामपाल वरकड़े, भगु वरकड़े, राजू वरकड़े, संतु काकोड़िया, रामसिंग वरकड़े, जग्गू भलावीं, फाटू उइके, चेतनराम इंगरे सहित दर्जनों ग्रामीणों ने योगदान दिया।

पंचायत प्रतिनिधियों ने साध ली थी चुप्पी (Rural Road Construction Betul 2025)

रतन भलावी ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों ने पूरी तरह से इस विषय पर चुप्पी साध ली थी। सभी स्तर के जनप्रतिनिधियों से मदद की मांग की गई लेकिन नतीजा शून्य रहा। इसलिए गांववासियों ने स्वयं आगे बढ़कर कार्य किया और आने वाले समय में बाकी सड़क भी ग्रामीण अपने सहयोग से बना लेंगे। (Rural Road Construction Betul 2025)

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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