जागे मतदाता: बोले- लिखित में देंगे आश्वासन, तभी देंगे अपना बहुमूल्य वोट

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    भारत में होने वाले चुनावों में यह नजारे आम रहते हैं कि तरह-तरह के सब्जबाग दिखा कर वोट ले लिए जाते हैं और जो वादे किए वे ना प्रत्याशी याद रखते हैं ना ही मतदाताओं को ही इसकी कोई चिंता रहती है। अगले चुनाव में वही प्रत्याशी दोबारा वादों की नई सीरीज (श्रृंखला) के साथ हाजिर होता है और मतदाता बगैर किसी गिले-शिकवे के उसे फिर मत देकर जीत का ताज पहना देते हैं, लेकिन चिचोली जनपद पंचायत की जोगली पंचायत में इस बार नजारा थोड़ा जुदा है। यहाँ मतदाता इस बार केवल जुबानी वादों पर वोट देने को हरगिज तैयार नहीं हैं, बल्कि वे उम्मीवारों से लिखित में आश्वासन मिलने पर ही वोट देने का मन बना चुके हैं।

    चिचोली ब्लॉक में देवपुर कोटमी के मतदाताओं ने एक ओर जहां पूरी ग्राम सरकार ही बिना चुनाव के निर्विरोध चुनकर एक कीर्तिमान बना लिया है, वहीं अब उसी ब्लॉक की जोगली पंचायत के लोग भी जागरूक मतदाता होने का प्रमाण प्रस्तुत कर रहे हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि ग्राम जोगली में पिछले 10 वर्षों में भी उनकी मांगें जोगली पंचायत ने पूरी नहीं की है। जागरूक ग्रामीण हौसीलाल गंगारे बताते हैं कि पिछले 10 वर्षों से गांव किसान सड़क के लिए पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील में ग्रामीणों द्वारा आवेदन दिए गए, जनप्रतिनिधियों से निवेदन कर लिया पर आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ।

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    पिछली बार ग्राम में पानी निकासी की व्यवस्था के लिए पंचायत उम्मीदवार से बात की और आश्वासन पर ग्रामीणों ने उन्हें जीता दिया पर पंचवर्षीय चली गई पर पंचायत में नाली नहीं बनी। गंदा पानी रोड पर से बहता है, लोगों के घर में चला जाता है पर पंचायत इस समस्या का समाधान कर पाई। अब फिर ग्रामीणों से वोट की उम्मीद की जा रही है। ऐसे ही किसान सड़क के लिए तहसील, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत में आवेदन दे दिया पर इन सड़कों की भी किसी ने सुध नहीं ली। ग्रामीण हौसीलाल गंगारे, गिरधर वानखेड़े, आशोक गंगारे, उमाकांत वानखेड़े, श्याम ठाकुर, श्रीपाल गंगारे, गणेशराम धामोड़े सहित ग्रामीणों ने सांसद, विधायक, पूर्व सरपंचों से आवेदन-निवेदन कर चुके पर अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ।

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    जोगली से जोगली जलाशय मार्ग, जोगली हाई स्कूल से कॉलोनी मार्ग, जोगली से करमनाला मार्ग, जोगली से टेकरा मार्ग, जोगली से स्कूल परिसर मार्ग, जाड़ीढाना से मिर्जापुर पहुँच मार्ग आज भी बदहाल पड़े हैं। किसानों को खेत पर आने-जाने में परेशानी होती हैं पर इन जनप्रतिनिधियों को समस्या नहीं दिखी। मीडिया के माध्यम से भी यह समस्याएं अधिकारियों व जनप्रतिनिधि तक पहुंचाई गई पर समस्या आज तक यथावत बनी हुई हैं। अब चुनाव के समय फिर झूठे वादे लेकर फिर जनता के बीच में नेता आ रहे हैं। यही वजह है कि ग्रामीण इस बार अपना बेशकीमती वोट यूँ ही देने को हरगिज तैयार नहीं है। हौसीलाल गंगारे बताते हैं कि अब जो उम्मीदवार लिखित में इन समस्याओं को समयसीमा सहित निराकृत करने का आश्वासन देंगे, हम वोट उसी को देगें।

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    इस बात से भी खफा हैं ग्रामवासी
    ग्रामीण एक ओर जहां अपनी मांगों और समस्याओं की अनदेखी से खफा हैं वहीं उनका यह आरोप भी है कि जमकर भ्रष्टाचार बीबी हुआ। हौसिलाल बताते हैं कि ग्राम में 8 लाख की लागत से स्ट्रीट लाइट का काम हुआ और उसमें मात्र 30 लाइट लगे। यह 8 लाख की लाइट 8 सप्ताह भी चालू नहीं रही। इसी तरह चौपाल और पुलिया का निर्माण कागजों में ही हो गया और राशि निकल कर रफा-दफा हो गई। कई बार इन मामलों की शिकायतें हुई पर ना जांच हुई ना कोई कार्यवाही हुई। कई जनप्रतिनिधियों ने चुनाव के बाद 5 साल तक दोबारा मुंह तक नहीं दिखाया और ना कोई विकास कार्य गांव में कराए। इसलिए इन्हें बिना लिखित आश्वासन के अपना वोट क्यों दें।

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