बेमिसाल: ग्रामीणों ने बगैर मोहर लगाए ही निर्विरोध चुन लिए पंच से लेकर सरपंच

चिचोली के देवपुर कोटमी में ग्रामीणों ने पेश की एकता और जागरूकता की अनूठी मिसाल

  • उत्तम मालवीय, बैतूल © 9425003881
    एक ओर जहां चुनावों में एक अनार सौ बीमार वाली कहावत लागू होती है वहीं दूसरी ओर जिले के चिचोली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवपुर कोटमी में ग्रामीणों की एकजुटता और जागरूकता से सरपंच सहित सभी पंचों का निर्विरोध चुनाव हो गया है। यहां इन सभी 21 पदों के लिए एक-एक नामांकन पत्र ही दाखिल हुआ है। इससे यहां पर किसी भी पद के लिए चुनाव कराने की नौबत नहीं आएगी और पूरी पंचायत निर्विरोध चुन ली गई है। संभवत: यह बैतूल जिले की पहली पंचायत है जहां ग्राम स्वराज का सपना साकार हुआ है।

    पंचायत चुनावों के दौरान आमतौर पर होता यही है कि गांव का माहौल बेहद कटुता भरा हो जाता है। करीबी लोग ही चुनावों के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ हो जाते हैं और उनमें वैमनस्यता आ जाती है। इसके विपरीत देवपुर कोटमी के ग्रामीणों ने इस बार पंचायत चुनाव में एक अलग ही मिसाल पेश करने की ठानी और उन्होंने यह कर भी दिखाया। ग्रामीणों ने इस बार पंचायत चुनाव में मतदान की जरुरत ही नहीं पड़ने देने का निर्णय लिया और आपस में बैठ कर यह तय किया कि सरपंच से लेकर पंचों तक के लिए सभी आपस में ही नाम तय कर लेंगे और किसी भी पद के लिए एक से अधिक नामांकन पत्र दाखिल नहीं किए जाएंगे। उनके प्रयास रंग लाए और सभी पदों के लिए सर्वसम्मति से नाम तय कर लिए गए।

    निर्मला इवने

    स्नातक तक शिक्षित निर्मला इवने चुनी गईं निर्विरोध सरपंच
    सरपंच पद के लिए यहां की सीट अनुसूचित जनजाति महिला वर्ग के लिए आरक्षित थी। लिहाजा यहां स्नातक तक पढ़ी-लिखी और सभी के सुख-दुख में साथ खड़ी होने वाली महिला निर्मला पत्नी अमरदास इवने का नाम तय किया गया। उनसे पहले यहां पिछले 10 सालों से फगना सरपंच थे। बताते हैं कि उन्होंने भी निर्मला इवने को अपना समर्थन प्रदान किया। इस तरह सभी की सहमति से निर्मला इवने को सरपंच के लिए तय कर लिया और उनके विरूद्ध किसी के भी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया।

    पंचायत के सभी 20 पंच भी चुने गए निर्विरोध
    सभी 20 पंच भी चुने गए निर्विरोध
    केवल सरपंच ही नहीं बल्कि पंचायत के सभी पंचों का चुनाव भी ग्रामीणों ने निर्विरोध कर लिया है। यहां वार्ड एक से सुकलाल सद्दू, वार्ड दो से बबिता देवा, वार्ड तीन से मुलिया बाबूलाल, वार्ड चार से विनायक मालाजी, वार्ड पांच से रामदयाल सद्दू, वार्ड छह से चिरोंजीलाल उमराव, वार्ड सात से बबिता भूता, वार्ड आठ से ओमकार महासिंह, वार्ड नौ से जुगिया माना, वार्ड दस से सुकलाल रामचरण, वार्ड ग्यारह से रामदास गुंडा, वार्ड 12 से सदाराम दमडू, वार्ड 13 से संगीता पप्पू, वार्ड 14 से बबलू सिरदीम, वार्ड 15 से बिकसू सालू, वार्ड 16 से रूपा सुरीलाल, वार्ड 17 से राखी संदीप, वार्ड 18 से ममता अशोक, वार्ड 19 से राजकुमार संतूलाल, वार्ड 20 से फूलमा सालकराम पंच चुन लिए गए हैं। इस तरह इस पंचायत ने ग्राम स्वराज की एक मिसाल पेश की है।

    निर्विरोध निर्वाचन से गांव में एक अच्छा स्वस्थ वातावरण निर्मित होता है। पंचायत की जो संस्कृति है, वह मजबूत होती है। पंचायत का जो मूल मंत्र है, वो यही है। गांव में एकता होना चाहिए।
    नरेश राजपूत, तहसीलदार, चिचोली

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