MP Samachar: एमपी में अवैध वाहनों पर गिरेगी गाज, परिवहन विभाग करेगा सख्त कार्रवाई, चलेगा अभियान
MP Samachar: सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए मध्यप्रदेश के परिवहन विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। आज 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान की शुरुआत होगी। यह अभियान दो हफ्ते तक लगातार चलेगा। इसमें हर जिले में एक साथ कार्रवाई की जाएगी।
अवैध वाहनों पर होगी सख्ती
अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़कों पर नियम विरुद्ध चल रहे वाहनों पर नियंत्रण करना है। कई वाहनों में अग्निशमन यंत्र नहीं लगे हैं, वहीं कुछ में फर्स्ट एड किट की व्यवस्था नहीं पाई जाती। इसके अलावा रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप न लगे होने पर भी चालकों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। खासकर यात्री बसों पर ध्यान दिया जाएगा, जो ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लेकर स्टेज कैरिज की तरह संचालन कर रही हैं। विभाग को इस तरह की लगातार शिकायतें मिल रही हैं और दोषी पाए जाने पर इन बसों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
कर चोरी और टैक्स बकाया पर नजर
अभियान के दौरान उन वाहनों की भी जांच होगी, जिन पर मोटरयान कर बकाया है। कई वाहन मालिक लंबे समय से टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। इस बार विभाग ने तय किया है कि ऐसे वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और बकाया वसूली के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर रोक
मोटरयान अधिनियम में ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और निर्धारित संख्या से अधिक यात्रियों को ले जाने जैसे अपराधों पर कड़े प्रावधान हैं। अभियान में इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। विभाग का कहना है कि इस तरह की लापरवाहियां सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनती हैं, इसलिए अब किसी भी स्थिति में इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
स्कूल बसों पर रहेगा विशेष ध्यान
परिवहन आयुक्त ने साफ निर्देश दिए हैं कि स्कूल बसों की जांच को प्राथमिकता दी जाए। अक्सर देखा गया है कि कुछ स्कूल वाहन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते, जिससे बच्चों की जान खतरे में पड़ती है। नियम तोड़ने वाले स्कूल बस चालकों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डेटा अपडेट और पोर्टल सुधार
अभियान के दौरान विभाग अपने ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज जानकारियों को भी दुरुस्त करेगा। वाहन मालिकों के मोबाइल नंबर अपडेट किए जाएंगे और डुप्लीकेट डेटा हटाने की प्रक्रिया चलाई जाएगी। इससे भविष्य में गाड़ियों की जानकारी को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा और नियम तोड़ने वालों पर नजर रखना आसान होगा।
हर जिले में तैनात होगा अमला
अभियान की निगरानी के लिए हर जिले में आरटीओ के साथ-साथ परिवहन निरीक्षक, उप निरीक्षक और प्रवर्तन अमले की तैनाती की जा रही है। यह टीमें रोजाना जांच का विवरण तय प्रारूप में परिवहन आयुक्त कार्यालय को भेजेंगी। इससे पूरे अभियान पर एक साथ नजर रखी जा सकेगी और हर जिले की स्थिति स्पष्ट होगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से दिए गए निर्देश
अभियान शुरू होने से पहले परिवहन आयुक्त ने प्रदेशभर के आरटीओ और विभागीय अमले के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। बैठक में अधिकारियों को विस्तार से बताया गया कि अभियान के दौरान किन बिंदुओं पर ज्यादा ध्यान देना है। आयुक्त ने यह भी कहा कि कार्रवाई के समय यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।
जनता की सुरक्षा सबसे अहम
विभाग का मानना है कि यह अभियान केवल वाहनों की चेकिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों की जान की सुरक्षा करना भी है। जिन वाहनों में सुरक्षा उपकरण नहीं हैं या जो नियमों का पालन नहीं करते, वे सड़क पर चलते हुए हादसों का बड़ा कारण बन सकते हैं। ऐसे में अभियान से सड़क सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
नियम पालन से मिलेगी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस अभियान को पूरी गंभीरता से चलाया गया, तो सड़क हादसों में कमी आ सकती है। साथ ही नियमों का पालन करने वाले वाहन मालिकों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि अवैध रूप से चलने वाले वाहनों की संख्या घटेगी।
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