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Betul Show Cause Notice: दस्तक अभियान में कई ब्लॉक फिसड्डी, थमाए जायेंगे शोकॉज नोटिस

Betul Show Cause Notice: बैतूल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन अब सख़्त हो गया है। मंगलवार को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई और जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं हुआ, वहां तत्काल सुधार लाने के आदेश दिए गए।

इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि दस्तक अभियान में कमज़ोर प्रदर्शन वाले विकासखंडों को शोकॉज नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए, जिनका उद्देश्य है जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और लोगों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुँचाना।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा

बैठक में कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े से सभी प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी ली। इनमें सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान, 100 दिवसीय निक्षय शिविर (टीबी नियंत्रण), एनीमिया मुक्त भारत अभियान, संस्थागत प्रसव कार्यक्रम शामिल है।

सीएमएचओ ने इन सभी कार्यक्रमों की स्थिति का ब्यौरा पेश किया। कलेक्टर ने विशेष तौर पर इस बात पर ज़ोर दिया कि टीबी मरीजों की पहचान और दवा वितरण में कोई लापरवाही न हो।

कम उपलब्धि पर Betul Show Cause Notice

कलेक्टर ने कहा कि दस्तक अभियान का मकसद बच्चों और माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है। लेकिन कुछ विकासखंडों में इसकी उपलब्धि बेहद कम रही है। इसलिए वहां के जिम्मेदार अधिकारियों को शोकॉज नोटिस (Betul Show Cause Notice) जारी किया जाएगा और उनसे जवाब तलब किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि आगे से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर कार्यक्रम की प्रगति पोर्टल और एप पर समय पर अपडेट की जानी चाहिए ताकि मॉनिटरिंग आसान हो सके।

संस्थागत प्रसव और सिकल सेल मरीजों पर विशेष ध्यान

बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ज़िले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सिकल सेल एनीमिया के मरीजों की पूरी स्क्रीनिंग कर उन्हें तत्काल इलाज और सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि मरीजों को सात दिन के भीतर यूडीआईडी और जेनेटिक कार्ड उपलब्ध कराए जाएं और यह काम घर-घर जाकर पूरा किया जाए।

धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान

कलेक्टर ने बताया कि जिले के 554 जनजातीय ग्राम इस विशेष अभियान के अंतर्गत आते हैं। इन गांवों में:

  • जिनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं, उनके कार्ड तुरंत बनाए जाएं।
  • टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें दवा उपलब्ध कराई जाए।
  • स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने एक महीने के भीतर इस अभियान की प्रगति रिपोर्ट मांगी।

कुपोषण और मातृ-शिशु मृत्यु दर पर नियंत्रण

बैठक में कुपोषित बच्चों को एनआरसी (Nutrition Rehabilitation Center) में भर्ती कराने के आदेश दिए गए।

इसके अलावा कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:

  • मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु के मामलों की जानकारी 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर दर्ज की जाए।
  • हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष मॉनिटरिंग की जाए।
  • प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह 9 और 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं की जांच अनिवार्य रूप से की जाए।

Betul Show Cause Notice और कर्मचारियों की जिम्मेदारी

बैठक में यह भी तय किया गया कि स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारी सार्थक पोर्टल पर पंजीकृत हों। उनकी दैनिक उपस्थिति सार्थक एप पर दर्ज हो और सितंबर 2025 का वेतन इसी उपस्थिति के आधार पर दिया जाएगा। सभी सीएचओ और एएनएम को अपने-अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से रहकर काम करने के निर्देश दिए गए।

क्वालिटी कार्यक्रम और कायाकल्प

कलेक्टर ने कहा कि क्वालिटी हेल्थ प्रोग्राम्स के तहत चिन्हित स्वास्थ्य संस्थाओं का कायाकल्प किया जाए। एनक्यूएएस और मुस्कान प्रोग्राम के अंतर्गत आने वाली खामियों को तुरंत दूर किया जाए ताकि फाइनल असेसमेंट में बेहतर परिणाम मिल सकें।

बच्चों की स्क्रीनिंग और उपचार

कलेक्टर ने विशेष रूप से कहा कि आरबीएसके टीम द्वारा बच्चों की स्क्रीनिंग की जाए और 4डी का चिन्हांकन कर आवश्यक इलाज और परामर्श दिया जाए।साथ ही, जिन बच्चों को सर्जरी की आवश्यकता है, उनकी सूची बनाई जाए ताकि उन्हें समय पर मदद मिल सके।

आयुष्मान कार्ड और परिवार नियोजन कार्यक्रम

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:

  • 70 वर्ष से अधिक उम्र के हर हितग्राही का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए।
  • परिवार कल्याण कार्यक्रम में लक्ष्यानुसार नसबंदी सेवाओं का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया जाए।

रोग नियंत्रण और टीकाकरण पर ज़ोर

उन्होंने कहा कि आईडीएसपी कार्यक्रम अंतर्गत सभी रिपोर्टिंग समय पर होनी चाहिए। इसके साथ ही मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी की जाए। 4 से 9 सितंबर तक सभी स्वास्थ्य संस्थानों की पैन इंडिया मॉक ड्रिल हो और उसकी जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाए। टीकाकरण कार्यक्रम की विकासखंडवार समीक्षा हो और जहां उपलब्धि कम है, वहां तुरंत सुधार किया जाए।

बैठक में मौजूद अधिकारी

इस समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें सिविल सर्जन एवं मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, राष्ट्रीय कार्यक्रम अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी, स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े नोडल अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हैं।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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