Tomato Farming Profit: टमाटर की खेती ने कर दिया मालामाल: किसान ने महज 110 दिन में कमा डाले लाखों रूपये

Tomato Farming Profit: खेती को अक्सर मेहनत ज्यादा और कमाई कम का पेशा माना जाता है, लेकिन अगर सही तकनीक, सही फसल और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो यही खेती मुनाफे का मजबूत जरिया बन सकती है। बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र के एक किसान ने यह साबित कर दिखाया है कि कम जमीन में भी बेहतर योजना से लाखों की आमदनी संभव है।

पारंपरिक खेती से हटकर नया प्रयोग

चिचोली तहसील के ग्राम निवारी के रहने वाले किसान अखिलेश सोनी ने वर्षों से चली आ रही पारंपरिक फसलों की खेती छोड़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाने का फैसला किया। पहले वे गेहूं, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलें बोते थे, जिनसे प्रति एकड़ औसतन करीब 20 क्विंटल उत्पादन ही हो पाता था। लागत निकलने के बाद बचत सीमित रहती थी, जिससे खेती से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था।

ड्रिप सिंचाई से मिली नई ताकत

अखिलेश सोनी ने उद्यानिकी विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रॉप मोर क्रॉप घटक में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की। पीएमडीसी योजना के अंतर्गत उन्होंने एक हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप सिस्टम लगवाया, जिसकी कुल इकाई लागत लगभग 1.27 लाख रुपये आई। इस पर उन्हें करीब 54 हजार रुपये का अनुदान मिला। ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत हुई और फसलों को जरूरत के अनुसार नमी मिलने लगी।

टमाटर की खेती से बड़ा मुनाफा

ड्रिप सिस्टम लगने के बाद किसान ने 1.40 एकड़ में अभिलाष किस्म के टमाटर की खेती शुरू की। विभागीय अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन का पालन करते हुए उन्होंने उन्नत तरीके से फसल तैयार की। महज 110 दिनों में लगभग 1 लाख रुपये की लागत पर उन्हें 2.75 लाख रुपये का शुद्ध लाभ मिला। यही नहीं, खेत में अभी भी टमाटर की फसल लगी हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 3 से 4 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है।

बड़ी मंडियों में बिक्री की तैयारी

किसान अखिलेश सोनी का कहना है कि जैसे-जैसे टमाटर पूरी तरह तैयार होंगे, उन्हें भोपाल, नागपुर और अमरावती की बड़ी मंडियों में भेजा जाएगा। इन बाजारों में बेहतर दाम मिलने की संभावना है, जिससे आमदनी और बढ़ेगी। गुणवत्ता अच्छी होने के कारण उनकी उपज की मांग भी अधिक है।

सब्जी और फूलों से लगातार आय

टमाटर के साथ-साथ किसान ने धनिया, पालक, पत्ता गोभी, मेथी, भटा और गेंदे के फूलों की खेती भी शुरू की है। अलग-अलग फसलें लेने से उन्हें पूरे साल नियमित आमदनी मिल रही है। अब खेती केवल मौसम पर निर्भर नहीं रह गई, बल्कि एक स्थायी व्यवसाय का रूप ले चुकी है।

सरकारी योजनाओं के लिए माना आभार

अपनी सफलता का श्रेय अखिलेश सोनी ने केंद्र और राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सही योजनाओं और मार्गदर्शन से किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकते हैं।

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