strike in mandi : हड़ताल पर गए व्यापारी, थोड़ा सा सोयाबीन खरीदने के बाद बंद की खरीदी, बुधवार भी रहेगी बंद, आज यह रहे भाव

तीन दिनों तक अवकाश के बाद आज मंगलवार को मंडी खुली, लेकिन खरीदी नहीं हो सकी। मंडी खुलने पर व्यापारियों ने थोड़ी सी सोयाबीन खरीदी। इसके बाद प्रदेश संगठन के आह्वान पर व्यापारी हड़ताल पर चले गए। बुधवार को भी व्यापारियों की हड़ताल रहेगी। इससे कल भी खरीदी नहीं होगी। अब गुरुवार को ही खरीदी होगी।
शनिवार, रविवार और सोमवार को अवकाश के कारण मंडी बंद थी। आज बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर मंडी आए थे। सुबह खरीदी शुरू भी हुई। करीब 415 बोरे सोयाबीन की खरीदी की गई। इसी बीच मध्यप्रदेश तिलहन संघ ने हड़ताल का आह्वान कर दिया।
इसके चलते अनाज तिलहन संघ बैतूल से जुड़े व्यापारियों ने भी खरीदी बंद कर दी और हड़ताल पर चले गए। इससे दूर-दूर से माल लेकर आए किसानों को वापस लौटना पड़ा। व्यापारियों की हड़ताल दो दिन की है। इसलिए बुधवार 18 मई को भी खरीदी नहीं होगी। मंडी प्रबंधन ने इसकी सूचना भी जारी कर दी है। जिसमें किसानों से बुधवार को उपज लेकर नहीं आने का निवेदन किया गया है।
इसलिए हड़ताल पर गए व्यापारी
पूर्व व्यापारी प्रतिनिधि प्रमोद अग्रवाल द्वारा मंडी सचिव एसके भालेकर को अनाज तिलहन संघ बैतूल की ओर से सौंपे गए पत्र में बताया गया है कि गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश तिलहन संघ के आह्वान पर 17 एवं 18 मई को खरीदी नहीं की जाएगी। इसलिए नीलामी कार्य बंद रखा जाएं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसका प्रदेश भर के व्यापारी विरोध कर रहे हैं।
आज सोयाबीन के यह रहे भाव
हड़ताल पर जाने से पहले तक व्यापारी 415 बोरा सोयाबीन खरीद चुके थे। हालांकि अन्य किसी जिंस की खरीदी नहीं हुई थी। सोयाबीन के आज अधिकतम भाव 6901 रुपए, न्यूनतम 6600 रुपए और प्रचलित भाव 6800 रुपए रहे। अब मंडी में गुरुवार को ही खरीदी हो सकेगी।
गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध के विरोध में व्यापारियों ने दो दिन खरीदी नहीं करने की सूचना दी है। इसी के चलते आज खरीदी नहीं हुई। बुधवार को भी खरीदी नहीं होगी। इसलिए किसानों से निवेदन है कि वे अपनी उपज लेकर ना आएं।
एसके भालेकर
सचिव, कृषि उपज मंडी, बडोरा (बैतूल)




