wheat price : गेहूं के भाव में तेजी का दौर जारी, सरकारी खरीदी केंद्रों की ओर देख भी नहीं रहे किसान, इंदौर में भी यही हाल

बैतूल जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सोमवार से शुरू हो गई, लेकिन पहले दिन किसी भी केंद्र पर खरीदी का खाता तक नहीं खुल पाया है। खरीदी करने के लिए शासन तो पूरी तरह से तैयार हैं, लेकिन केंद्रों पर किसान नजर नहीं आए। गेहूं के बाजार में अधिक दाम रहने के कारण इस साल पहले से खरीदी पर असर पड़ने के कयास लगाए जा रहे थे। यह अब सही साबित होते दिख रहे हैं।
नर्मदापुरम संभाग के जिलों में सोमवार से खरीदी का शुभारंभ हुआ। इसके लिए सभी केंद्रों पर पहले ही तैयारियां कर ली गई थी। बैतूल जिले में खरीदी के लिए 91 केंद्र बनाए गए हैं। बताया जाता है कि पहले दिन के लिए बैतूल जिले में 29 किसानों ने गेहूं बिक्री के लिए स्लॉट बुक कराए थे, लेकिन एक भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा।
जामठी में एक किसान जरुर गेहूं आया था, लेकिन उसे जैसे ही मंडी के अधिक रेट की जानकारी लगी तो वह भी तुरंत अपना गेहूं लेकर बडोरा मंडी आ गया। इसी तरह की घटना एक-दो जगह और होने की जानकारी मिली है। इस साल 40300 से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है, लेकिन
कितने गेहूं लेकर आते हैं, यह निश्चित नहीं।
इतने किसानों ने कराए स्लॉट बुक
सहायक आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम ने ‘बैतूल अपडेट’ को बताया कि खरीदी के दूसरे दिन मंगलवार के लिए जिले के 17 किसानों ने स्लॉट बुक कराए हैं। इसी तरह 13 मई तक 145 किसानों ने स्लॉट बुक करवाए हैं।
बैतूल मंडी में गेहूं की बंपर आवक
एक ओर जहां खरीदी केंद्रों पर कर्मचारी किसानों की राह तकते रहे वहीं दूसरी ओर सोमवार को कृषि उपज मंडी बैतूल में गेहूं की बंपर आवक हुई। मंडी में कुल 15995 बोरे गेहूं की आवक हुई। मंडी में गेहूं के न्यूनतम मूल्य 1825, उच्चतम मूल्य 2190 और प्रचलित मूल्य 2075 रुपये रहे। गौरतलब है कि शासन ने समर्थन मूल्य 2015 रुपये तय किया है। इसके विपरीत मंडी और बाजार में इससे अधिक दाम मिलने से किसान मंडी में गेहूं बेचना पसंद कर रहे हैं।
इंदौर में मंडियों में आवक की यह स्थिति
उधर इंदौर में दो- तीन दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को मंडी खुलते ही गेहूं की आवक बढ़ने की उम्मीद थी। कारोबारियों ने मन बना रखा था कि आवक बढ़ने के साथ दामों में गिरावट भी रहेगी। हालांकि सोमवार को जब कामकाज हुआ को कारोबारियों का आकलन गलत साबित हो गया।
सोमवार को लक्ष्मीबाई मंडी इंदौर में गेहूं की आवक तो जोरदार रही। करीब 20 हजार बोरी गेहूं लक्ष्मीबाई मंडी पहुंचा। हालांकि छावनी मंडी में आवक सीमित रही और सिर्फ 10 हजार बोरी गेहूं पहुंचा। गेहूं के दाम में गिरावट तो नहीं, बल्कि 10 से 20 रुपये की मजबूती ही दिखी। व्यापारियों का आकलन है कि निमाड़ के अहम पर्व गणगौर के कारण आवक सीमित है।
हालांकि अनुमान लगाया जा रहा है कि बीते दिनों की मजबूती के देखकर अब किसान गेहूं भी कम दामों पर बेचने को तैयार नहीं है। ऐसे में किसान माल भी रोक रहे हैं। गेहूं में लेवाली अच्छी है। प्रदेश की सभी मंडियों में दाम अच्छे हैं और सरकारी खरीद भी शुरू हो गई है। नतीजा है कि इस बार आष्टा-सीहोर और अन्य क्षेत्रों से भी इंदौर में रोटी वाला गेहूं कम आ रहा है।
गेहूं निर्यात वालों ने भी कांडला के दाम 2350 रुपये तक खोले हैं। इससे भी गेहूं में आगे मंदी नहीं दिख रही। मक्का में भी दाम मजबूत है। प्लांटों की ओर से भी भाव बढ़ाए गए है। गेहूं मिल क्वालिटी 2100- 2150, मालवराज 2150-2175, पूर्णा 2300-2350, लोकवन 2300-2400 रुपये व मक्का 2300- 2375 रुपये।



