Good news for railway workers: रेल कर्मचारियों को कराई जाएगी धार्मिक-पर्यटन स्थलों की सैर, 9 दिनों तक चलेगा यह विशेष कैंप
▪️ उत्तम मालवीय, बैतूल
रेलवे (indian railway) द्वारा रेलगाड़ियों के संचालन के साथ ही अपने कर्मचारियों के हितों का भी पूरा-पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके तहत रेलकर्मियों को कई तरह की सुविधाएं (Various facilities for railway workers) मुहैया कराई जाती है। कर्मचारियों के आर्थिक, पारिवारिक, स्वास्थ्य हित में कई योजनाएं और कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसी तारतम्य में कर्मचारियों के लिए विशेष कैंप भी आयोजित किया जाता है। इस विशेष कैंप (special camp) के तहत उन्हें देश के प्रमुख धार्मिक, रमणीक, पर्यटन स्थलों की सैर (Pleasure trip) कराई जाती है।
इसी तारतम्य में एक बार फिर रेल कर्मचारियों के लिए यह विशेष कैंप आयोजित किया जा रहा है। यह कैंप 10 से 18 सितंबर 2022 तक आयोजित होगा। यह पूरे 9 दिनों का कैंप होगा। यह कैंप मध्य रेल के नागपुर मंडल में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसमें ग्रुप सी और ग्रुप डी के कर्मचारियों को विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की सैर (Religious and tourist sightseeing) कराई जाएगी।
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नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन (NRMU) के सचिव अशोक कटारे ने बताया कि इस कैंप में शामिल होने के लिए पुरूष कर्मचारियों की उम्र 45 साल से अधिक एवं महिला कर्मचारियों की 40 साल से अधिक होना चाहिए। उन्हें रेलवे की ओर से कर्मचारी लाभ निधि (employee benefit fund) के द्वारा एक विशेष कैंप के अंतर्गत अमृतसर, डलहौजी, धर्मशाला, ज्वाला देवी, कांगड़ा देवी, चामुंडा देवी एवं वाघा बॉर्डर आदि की यात्राएं कराई जाएगी।
दो साल बाद आयोजित हो रहा कैंप
सचिव श्री कटारे ने बताया कि यात्रा पर जाने हेतु इच्छुक कर्मचारी नेशनल रेलवे मजदूर यूनियन शाखा बैतूल से संपर्क कर सकते हैं। कोरोना के कारण यह कैंप वर्ष 2020 एवं 2021 में आयोजित नहीं किया जा सका था। अब कोरोना का कहर पूरी तरह समाप्त हो जाने पर पुन: यह कैंप आयोजित किया जा रहा है।
ऐसा रहता है रेलवे का विशेष कैंप
इस कैंप में शामिल होने वाले रेल कर्मचारियों को पूरे सफर में कुछ भी रुपये खर्च नहीं करना होता है। यात्रा से लेकर भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी रेलवे द्वारा की जाती है। यदि स्थानीय स्तर पर घूमने के लिए बस या अन्य वाहन की आवश्यकता होती है तो वह भी रेलवे द्वारा की जाती है। दो एसी कोच में यह सफर होता है, वहीं जहां ट्रेन की सुविधा नहीं होती है, वहां बस से यात्रा कराई जाती है। पूरे सफर के दौरान एक डॉक्टर भी साथ चलता है ताकि कहीं भी जरुरत पड़ने पर चिकित्सा सुविधा तत्काल उपलब्ध कराई जा सके।
परिवार को नहीं ले जा सकते साथ
एक बात जरुर है कि यह कैंप केवल कर्मचारियों के लिए होता है। इसमें केवल कर्मचारी ही जा सकता है। वह साथ में अपने परिवार को नहीं ले जा सकता। बच्चों के लिए यह विशेष कैंप अलग से साल में 2 बार आयोजित किया जाता है। इसमें बच्चों की देख रेख और सामान उठाने के लिए कर्मचारियों के साथ ही डॉक्टर भी होता है।



