76 लाख से ज्यादा का भ्रष्टाचार: उपयंत्री, सरपंच और सचिव पर एफआईआर

बैतूल के भीमपुर ब्लॉक की पाट रैयत पंचायत में हुए 7618973 राशि के गबन के मामले में बड़ी कार्यवाही हुई है। इस मामले में सरपंच, सचिव और उपयंत्री के खिलाफ धारा 406, 409, 34 के तहत मामला दर्ज कराया गया है। शिकायत पर लगातार तीन बार हुई जांच में पंचायत के जिम्मेदारों ने गबन करना पाया था। इस मामले में एक फरवरी 2022 को जिला पंचायत सीईओ अभिलाष मिश्रा ने भीमपुर जनपद सीईओ को दोषियों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे।
भीमपुर ब्लॉक की पाट रैय्यत पंचायत में सरपंच, उपसरपंच, सचिव और उपयंत्री ने मिलकर जमकर भ्रष्टाचार किया था। जिसकी शिकायत गांव के जागरूक नागरिकों ने 2 साल पहले की थी। मामले में सीएम हेल्पलाइन में हुई लगातार शिकायतों के बाद हरकत में आए विभाग ने अलग-अलग स्तर पर तीन बार मामले की जांच करवाई। जिसमें पंचायत में 76 लाख से अधिक का भ्रष्टाचार करना सिद्ध हुआ था।
इस मामले में सरपंच कैलाश सिरसाम, उपसरपंच सियाराम यादव, सचिव लच्छीराम काकोडीया, तात्कालिक उपयंत्री केएल धुर्वे ने मिलकर निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता करना पाया गया। एक फरवरी को इस मामले में सीईओ जिला पंचायत अभिलाष मिश्रा ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 तथा 89 में दर्ज उपरात आहरित राशि की वित्तीय अनियमितता अनुसार दोषियों के विरुद्ध संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने और एफआईआर की कॉपी जिला पंचायत कार्यालय को भेजने के आदेश जनपद सीईओ भीमपुर को दिए थे।
जनपद के अधिकारियों ने एक सप्ताह बाद दोषियों के खिलाफ चिचोली थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। इस एफआईआर में सरपंच, सचिव, उपयंत्री के खिलाफ धारा 406, 409, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता गंगाप्रसाद यादव का आरोप है कि इस मामले में सीईओ जिला पंचायत के आदेश के बाद भी उप सरपंच सियाराम यादव को आरोपी नहीं बनाया है जबकि उपसरपंच सियाराम यादव की पंचायत में अधिकतर निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार करने में संलिप्तता है। आने वाले दिनों में यह सिद्ध भी किया जाएगा।
पाट पंचायत के मामलें में एफआईआर के पहले तीन दिनों तक कागजों का परीक्षण किया गया है। इसके बाद एफआईआर दर्ज करवाई गई है। जांच प्रतिवेदन में उप सरपंच का नाम नहीं है।
कंचना वास्कले,
सीईओ, जनपद पंचायत, भीमपुर



