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Airless Tyres: मार्केट में आ रहे बिना हवा वाले टायर, कभी नहीं होंगे पंक्चर, जानें पूरी डिटेल

Airless Tyres: Airless tires coming in the market, will never be punctured, know the complete details

Airless Tyres: मार्केट में आ रहे बिना हवा वाले टायर, कभी नहीं होंगे पंक्चर, जानें पूरी डिटेलAirless Tyres: कार हो या बाइक, ड्राइविंग के समय सबसे ज्यादा डर उनके टायर के पंचर होने का रहता है। हालांकि अब बाजार में ट्यूबलेस टायर आ चुके हैं जो कि पंचर होने के बावजूद लंबी दूरी तय कर सकते हैं। लेकिन ट्यूबलेस टायर भी ज्यादा पंक्चर होने पर खराब हो जाते हैं, जो कि काफी महंगे पड़ते हैं। अब इस प्राब्लम का सोल्यूशन आ रहा हैं। जल्द ही मार्केट में बिना ट्यूब और बिना हवा वाले एयरलेस टायर आ रहे हैं। इस टायर की सबसे बड़ी बात यह हैं कि इसमें हवा भरवाने की भी जरूरत नहीं पड़ती हैं। दुनिया की दिग्गज टायर निर्माता कंपनियां जल्द ही बाजार में एयरलेस (Airless) टायर्स को लॉन्च करने की योजना बना रही हैं।

Airless टायर्स का कॉन्सेप्ट:

जैसा कि इस टायर का नाम एयरलेस टायर है इससे साफ समझ आता है कि इस टायर में हवा की कोई जरूरत नहीं होगी। इसका कांसेप्ट भी काफी साल पहले दिखाया जा चुका है। टायर बनाने वाली दिग्गज कंपनी मिशेलिन (Michelin) और जापानी कंपनी ब्रिजस्टोन (Bridgestone) की तरह कई ब्रांड पहले भी इस कांसेप्ट को दुनिया के सामने पेश कर चुके हैं। अब यह सभी ब्रांड अपनी योजना को मूर्त रूप देने की तैयारी में है। बता दें कि मिशेलिन ने जनवरी महीने में ही एयरलेस टायर्स की प्रोटोटाइप टेस्टिंग शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि इस साल के आखिरी तक 50 वैन में इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

किस तरह के होते Airless Tyre

एयरलेस टायर अपने नाम की तरह ही होते हैं सामान्य टायरों की तरह इसमें रबर के ट्रेड्स होते हैं, जो कि एक रिंग पर लगे होते हैं, आठ ही प्लास्टिक या रबड़ के स्पोक्स द्वारा इन्हें सपोर्ट किया जाता है। इसीलिए इनमें पंचर होने की जरा भी गुंजाइश नहीं होती है। बता दें कि इन टायर्स में स्पोक्स ही हवा का काम करते हैं, जो टायर को बाहर वहन करने की क्षमता प्रदान करते हैं।

हर साल 200 मिलियन टायर हो जाते हैं खराब (Airless Tyres)

बता दें कि, दुनिया भर में लगभग 200 मिलियन टायर हर साल समय से पहले पंक्चर, सड़क के चलते होने वाले डैमेज और अनुचित एयर प्रेसर के कारण खराब हो जाते हैं। ऐसे में ये टायर इन आंकड़ों में तेजी से कमी लाएगा। हालांकि ये टायर कीमत में उंचे होंगे लेकिन कंपनी इसकी कीमत को कम से कम रखने की पूरी तैयारी कर रही है।

2005 में पेश किया था यह कांसेप्ट

बता दें कि यह कांसेप्ट कोई नया कॉन्सेप्ट नहीं है जबकि 2005 में ही घरेलू वाहनों के लिए इस कॉन्सेप्ट को पहली बार टायर निर्माता कंपनी मिशेलिन द्वारा पेश किया गया था। मिचेलिन कंपनी ने इस एयरलेस टायर को ‘ट्वील’ (Tweel) नाम दिया था। ये दो शब्दों का संयोजन है: टायर और व्हील। फिलहाल कंपनी ट्वील की टेस्टिंग के लिए जनरल मोटर्स के साथ काम कर रही है।

यहां जाने कैसे काम करते है एयरलेस टायर्स (Airless Tyres)

टायर में सबसे दिलचस्प यह है कि इसके स्पोक काफी लचीले होते हैं जो सरफेस के अनुसार मुड़ सकते हैं और जब यह मुड़ते हैं तो स्पोक्स प्रेशर ऑब्जर्व करता है। यह भी उसी तरह काम करता है जैसे सामान्य टायर में होता है। टायरों को अलग-अलग तरह के स्पॉक्स के साथ तैयार किया जाता है। इसमें बेहतर हैंडलिंग और राइड कम्फर्ट के लिए लेटरल स्टिफनेस को भी कस्टमाइज किया जा सकता है।

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