court decision : पत्नी से अवैध संबंध के संदेह में की थी हत्या, बरेठा के जंगल में मिला था कंकाल, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

• सावरकर, मुलताई
तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुलताई ने गड़ा धन निकालने के लिए सफेद पलसा दिखाने के बहाने युवक को जंगल में ले जाकर उसकी पत्थर से कुचलकर हत्या करने वाले दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

विशेष लोक अभियोजक श्रीमती मालिनी देशराज ने बताया ग्राम टेमझिरा निवासी ओंकार ने 6 मार्च 2016 को पुलिस को बताया था कि उसका पुत्र ज्ञानचंद (22) को ग्राम का ही निवासी लेखराज उर्फ लखन नरवरे 1 मार्च 2016 को सुबह 10 बजे दोस्त की शादी में शाहपुर ले जाने का कह कर साथ में ले गया था।
ओंकार ने लेखराज पर अपने पुत्र ज्ञानचंद की हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने ओंकार की शिकायत पर लेखराज के खिलाफ धारा 364 का केस दर्ज किया था। लेखराज को पुलिस ने अभिरक्षा में लेकर उससे पूछताछ की।
पूछताछ में लेखराज ने बताया कि ज्ञानचंद के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध होने की शंका और पुरानी रंजिश होने पर 1 मार्च को ग्रामीण केदार सिंह के साथ मिलकर ज्ञानचंद को गड़ा धन निकालने के लिए सफेद पलसा दिखाने के बहाने बाइक पर बैठा कर ग्राम बरेठा के जंगल में ले जाकर पत्थरों से कुचल कर ज्ञानचंद की हत्या कर दी। लेखराज के बताए अनुसार घटनास्थल से पुलिस ने मृतक ज्ञानचंद का कंकाल और कपड़े जप्त किए थे।
न्यायाधीश ने तत्कालीन टीआई सुनील लाटा के बयान, मृतक की डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी लेखराज उर्फ लखन पिता गुलाबराव नरवरे 37 साल निवासी टेमझिरा और केदारसिंह पिता रूपसिंह निगम उम्र 40 साल निवासी बाड़ेगाव को आईपीसी की धारा 364 सहपठित धारा 120 बी के आरोप में आजीवन कारावास और दो-दो हजार रुपए जुर्माना और आईपीसी की धारा 302 और सहपठित धारा 120 बी के आरोप में आजीवन कारावास और दो दो हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया है।



