Khatu Shyam Railway Line: खाटू श्याम मंदिर तक अब ट्रेन से सीधा सफर, सरकार ने दी रेल लाइन को मंजूरी
Khatu Shyam Railway Line: राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्याम बाबा के दरबार पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हालांकि अभी यहां तक पहुंचने में देश भर के श्रद्धालुओं को थोड़ी परेशानी का सामना करना होता है।
इसकी वजह यह है कि यहां तक पहुंचने के लिए फिलहाल केवल सड़क मार्ग ही एकमात्र माध्यम है। यहां जाने के लिए रेलमार्ग नहीं है। लेकिन, यह परेशानी भी बहुत जल्द खत्म होने वाली है।
केंद्र सरकार ने दी रेल लाइन को मंजूरी (Khatu Shyam Railway Line)
दरअसल, केंद्र सरकार ने रींगस से खाटू श्याम मंदिर तक 17 किलोमीटर लंबी सीधी नई रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। लोकसभा में इस बारे में स्वयं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में जानकारी दी। यह रेल लाइन बिछ जाने से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र खाटू श्याम मंदिर तक पहुंचना और आसान हो जाएगा।

अभी रींगस तक ही है रेल लाइन (Khatu Shyam Railway Line)
खाटू श्याम मंदिर में देश भर से श्रद्धालु आते हैं। अभी यहां का सबसे करीबी रेलवे स्टेशन रींगस है। रींगस से खाटू श्याम मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को सड़क मार्ग का सहारा लेना होता है। ऐसे में कई परेशानियां भी श्रद्धालुओं को उठाना पड़ता है। अब श्रद्धालु सीधे ट्रेन से खाटू श्याम मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
प्रोजेक्ट पर इतनी राशि होगी खर्च (Khatu Shyam Railway Line)
रींगस से खाटू श्याम तक रेल लाइन बिछाने के इस प्रोजेक्ट पर कुल 254 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से 43 करोड़ रुपये की राशि वित्त वर्ष 2025-26 में आवंटित की जा चुकी है। रेल मंत्री के अनुसार भूमि प्रदान और अन्य सभी कानूनी औपचारिकताओं के बाद इस रेल लाइन का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

अभी रींगस तक इतनी रेलगाड़ियां (Khatu Shyam Railway Line)
वर्तमान में दिल्ली से रींगस के लिए 8 जोड़ी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें चलती है। इसी तरह कोटा से जयपुर के लिए 29 जोड़ी और कोटा व रींगस के बीच 3 नियमित जोड़ी ट्रेनें चल रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई जाती है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 (जून तक) में रींगस से दिल्ली क्षेत्र के बीच कुल 6.23 लाख से अधिक लोग ट्रेन से यात्रा कर चुके हैं। यह संख्या बढ़ती जा रही है।
कौन हैं खाटू श्याम जी, जानें उनके बारे में (Khatu Shyam Railway Line)
खाटू श्याम जी की कहानी महाभारत काल से जुड़ी है। वे भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक थे। बर्बरीक ने अपना सिर भगवान कृष्ण को दान कर दिया था। इसके बाद उन्हें श्याम नाम मिला और उन्हें कलयुग में भगवान कृष्ण का अवतार माना गया। वे बचपन से ही वीर और महान योद्धा थे।
भगवान शिव से पाए थे 3 अभेद्य बाण (Khatu Shyam Railway Line)
बर्बरीक ने भगवान शिव को प्रसन्न करके उनसे 3 अभेद्य बाण प्राप्त किए थे। जिसके कारण उन्हें तीन बाण धारी भी कहा जाता है। जब महाभारत का युद्ध होने वाला था, तब बर्बरीक ने भी युद्ध में भाग लेने का निर्णय लिया। उन्होंने अपनी माता से आशीर्वाद लिया और उन्हें वचन दिया कि वे हारे हुए पक्ष का साथ देंगे।
भगवान कृष्ण ने मांग लिया दान में सिर (Khatu Shyam Railway Line)
युद्ध में जाते समय बर्बरीक को रास्ते में भगवान कृष्ण मिले। उन्होंने बर्बरीक से दान में उनका सिर मांग लिया। बर्बरीक ने अपना वचन निभाते हुए अपना सिर काटकर भगवान कृष्ण को दान कर दिया। इस पर भगवान कृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में उनकी पूजा श्याम नाम से होगी और वे हारे का सहारा बनेंगे। मान्यता है कि उनका सिर सीकर के खाटू नगर में प्रकट हुआ। यहीं बाद में उनके मंदिर का निर्माण किया गया। (Khatu Shyam Railway Line)
देश-दुनिया की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें | Trending खबरों के लिए जुड़े रहे betulupdate.com से | आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें betulupdate.com



