MP bridge collapse: एमपी में ढहा पुल, मैनेजर सस्पेंड; मामले की जांच के लिए बनी कमेटी
MP bridge collapse: मध्यप्रदेश के रायसेन में बरेली-पिपरिया मार्ग पर एक पुल का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इस हादसे में चार युवक घायल हो गए। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और यातायात वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जा रहा है। इस मामले में प्रबंधक को निलंबित कर दिया है। वहीं 2 अफसरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
गौरतलब है कि सोमवार को बरेली-पिपरिया मार्ग के किमी 4/10 पर बने ऊंचे पुल का एक हिस्सा मरम्मत के दौरान अचानक नीचे गिर गया। उसी समय मोटर साइकिल पर सवार चार युवक उस हिस्से के ऊपर से गुजर रहे थे, जो सीधे नीचे गिर पड़े और गंभीर चोटों का शिकार हो गए। उन्हें तुरंत पास के बरेली सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सक उनका उपचार कर रहे हैं।
वर्ष 1980 में किया गया था निर्माण
यह पुल करीब चार दशक पहले, वर्ष 1980 में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाया गया था। बाद में इसकी जिम्मेदारी वर्ष 2010 से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अधीन चली गई। पुल के पिछले वर्षों में किए गए तकनीकी निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण कमजोरियां सामने आई थीं।
लोहे की छड़ों में लग चुका था जंग
रैम्स सॉफ्टवेयर से किए गए सर्वेक्षण में पाया गया था कि पुल की छतरीनुमा स्लैब में लगी लोहे की छड़ों में जंग का असर बढ़ गया है, एक्सपेंशन जॉइंट ठीक से काम नहीं कर रहे हैं और संरक्षण संबंधी कार्यों में भी कमजोरियां सामने आई थीं। इन कारणों से पुल की मजबूती कम होने का संकेत मिला था।
मरम्मत के लिए मंजूर हुए थे 98 लाख रुपये
इन संरचनात्मक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पुल की मरम्मत और आंशिक पुनर्निर्माण के लिए 98 लाख रुपये मंजूर किए थे। यह स्वीकृति 29 मई 2025 को जारी हुई थी और इसके बाद सुधार कार्य शुरू किया गया था।
इन अफसरों पर गिराई विभाग ने गाज
पुल का हिस्सा गिरने के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित फील्ड स्टाफ पर उत्तरदायित्व निर्धारित किया गया और प्रबंधक एए खान को निलंबित कर दिया गया।
इसी के साथ वर्तमान संभागीय प्रबंधक और पूर्व के संभागीय प्रबंधक सहित सहायक महाप्रबंधकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। उनसे पूछा गया है कि मरम्मत और सुरक्षा के दौरान ऐसी घटना कैसे हुई। विभाग ने संकेत दिया है कि दोषी पाए जाने वालों पर आगे कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति
इस हादसे पर विस्तृत जांच के लिए मुख्य अभियंता गोपाल सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह समिति सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट में पुल के गिरने के तकनीकी कारण, जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका और भविष्य की रोकथाम संबंधी निष्कर्ष शामिल होंगे। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे।
यातायात को किया गया इस मार्ग से डायवर्ट
पुल का हिस्सा गिरते ही बरेली-पिपरिया मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। सड़क से हर रोज गुजरने वाले वाहन चालक और स्थानीय लोग असुविधा का सामना करने लगे।
ऐसी स्थिति में वाहनों की आवाजाही जारी रखने के लिए यातायात को ग्राम नागपुरिया में स्थित पुरानी पुलिया से होकर डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त पुल के पास ह्यूम पाइप डालकर एक अस्थायी रास्ता भी तैयार किया जा रहा है ताकि बड़े वाहन भी धीमे ही सही, लेकिन आगे बढ़ते रह सकें।
क्षेत्रवासियों ने जताया हादसे को लेकर आक्रोश
इस दुर्घटना के बाद लोगों में चिंता का माहौल है। कई नागरिकों का कहना है कि पुल का मरम्मत कार्य सावधानी के साथ किया जाना चाहिए था। वे उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार दोषियों को चिन्हित करेगी और इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जाएँगे।
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