मध्यप्रदेश अपडेट

Most Expensive Wood: यह है दुनिया की सबसे महंगी लकड़ी, 1 किलो के मिल जाते हैं 8 लाख रुपए

Most Expensive Wood: This is the world's most expensive wood, 1 kg gets 8 lakh rupees

Most Expensive Wood: यह है दुनिया की सबसे महंगी लकड़ी, 1 किलो के मिल जाते हैं 8 लाख रुपए
Most Expensive Wood: भारत में रिलीज हुई फिल्म पुष्पा को देखने के बाद आप यह सोच रहे होंगे कि लाल चंदन की लकड़ी सबसे महंगी है, लेकिन आपको बता दें लाल चंदन से भी ज्यादा महंगी एक लकड़ी है, जिसे सिर्फ 1 किलो बेचने पर ही आप एक लग्जरी कार खरीद सकते हैं। दावा है कि इस 1 किलो लकड़ी की कीमत लगभग ₹8 लाख तक है। हम आपको इस लकड़ी के बारे में जानकारी दे रहे हैं। यदि आप इस पौधे को लगाते हैं। बाद में इसकी एक किलो लकड़ी बेंच लेंगे तो एक शानदार लग्जरी कार आसानी से मिल जाएगी। यह लकड़ी अफ्रीकन ब्लैकवुड (African Blackwood) है। इसे दुनिया की सबसे महंगी लकड़ी कहा जाता है।

8 लाख में बिकती है 1 किलो

दक्षिण और मध्य अफ्रीका के 26 देशों में पाए जाने वाले अफ्रीकन ब्लैक वुड पेड़ की लकड़ी सबसे महंगी है। इसकी 1 किलो की कीमत 8 लाख रुपए है। इतने में आप एक लग्जरी कार खरीद सकते हैं। यदि आप कार नहीं खरीदते तो अपने पार्टनर के साथ इंटरनेशनल टूर भी कर सकते हैं।

तस्करों की रहती है नजर

अब जब यह लकड़ी 1 किलो के 8 लाख रुपए देती है तो तस्करों की नजर पड़ना स्वाभाविक है। मध्य और दक्षिण अफ्रीका के देशों में लगने वाले अफ्रीकन ब्लैकवुड पेड़ की लकड़ी की तस्करी इंटरनेशनल लेवल पर होती है। हालांकि इसकी तस्करी रोकने के लिए सख्त कानून भी है। इसके बावजूद तस्कर कुछ ना कुछ तरीका निकाल कर इसकी तस्करी करते हैं।

इतनी ज्यादा कीमत होने के कारण अफ्रीकन ब्लैक वुड की तस्करी काफी ज्यादा बढ़ गई है

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

Related Articles

Back to top button