Wheat Export: पिछले एक महीने में मध्य प्रदेश से 2.4 लाख टन गेहूं का हुआ निर्यात, मिस्त्र के लोगों को भी जल्द होगी आपूर्ति

रूस और यूक्रेन को दुनिया में गेहूं की बेल्ट (Wheat Belt) कहा जाता है. यह दोनों देश ही बड़ी संख्या में दुनिया के कई देशों की गेहूं की जरूरतों को पूरा करते हैं, लेकिन बीते दो महीनों से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी हैं. ऐसे में रूस और यूक्रेन से अन्य देशों को होने वाली गेहूं की आपूर्ति प्रभावित हुई हैं, जिसमें भारतीय गेहूं को विदेशों में नया बाजार मिला है. इसके तहत भारतीय गेहूं (Indian Wheat) को दुनिया के कई देशों में निर्यात (Export) किए जाने लगा है.
इसी कड़ी में पिछले एक महीने में मध्य प्रदेश से 2.4 लाख टन गेहूं का निर्यात हुआ है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि बीते एक महीने में निर्यात के लिए 2.4 लाख टन गेहूं बंदरगाह में भेजा गया है.
मध्य प्रदेश का गेहूं मिस्त्र के लोगों की भी भूख मिटाएगा
मध्य प्रदेश का गेहूं बीते एक महीने से विदेशों के कई देशों में निर्यात किया जा रहा है. देशों की इस सूची में मिस्त्र का नाम नया जुड़ने वाला है.असल में 15 अप्रैल को ही मिस्त्र ने भारतीय गेहूं को आयात करने की मंजूरी दी थी. इस संबंध में मिस्त्र के अधिकारियों ने खेतों में जाकर भारतीय गेहूं की गुणवत्ता भी जांची थी.
मिस्त्र से मिली मंजूरी के तहत भारत से 10 लाख टन गेहूं मिस्त्र को निर्यात किया जाना है. इसमें मध्य प्रदेश का गेहूं भी शामिल होगा. असल में शनिवार को प्रधानमंत्री से हुई मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि बीते 11 अप्रैल को मिस्त्र के अधिकारियों के इंदौर दौरे के बाद से ही राज्य कृषि निर्यात प्रकोष्ठ के अधिकारी लगातार आयातकों के संपर्क में हैं.
इस साल 10 गुना तक बढ़ा गेहूं का निर्यात
मध्य प्रदेश में इस साल गेहूं के निर्यात में 10 गुना तक की बढ़ोतरी हुई है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल राज्य से गेहूं का निर्यात 8 से 10 गुना तक बढ़ा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश से गेहूं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निर्यातकों को मात्र एक हजार रुपये में लाइसेंस दिया जा रहा है. जिसके तहत अभी तक 358 निर्यातकों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है.



