MP Cabinet Decision 2026: अब बेटियों को भी पेंशन का हक, जनजातीय योजनाओं को 7133 करोड़ की मंजूरी, 63 हजार घरों में पहुंचेगी बिजली
MP Cabinet Decision 2026: मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: PVTG योजना, छात्रावास, CM Rise स्कूल और ग्राम विद्युतीकरण को बड़ी स्वीकृति, नए पेंशन नियम 2026 लागू

MP Cabinet Decision 2026: मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्य प्रदेश सरकार ने विकास से जुड़े कई अहम निर्णय लिए। जनजातीय क्षेत्र के उत्थान से लेकर महिलाओं और बच्चों की योजनाओं की निरंतरता, हजारों घरों में बिजली पहुंचाने, न्यायालयीन कर्मचारियों को आयु में राहत और नए पेंशन नियमों को मंजूरी जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई।
जनजातीय योजनाओं को बड़ी वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये की मंजूरी दी गई।
स्वीकृत राशि के अंतर्गत जनजातीय कार्य विभाग की पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। एकीकृत छात्रावास योजना को 1,703 करोड़ 15 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। सीएम राइज विद्यालय योजना के संचालन के लिए 1,416 करोड़ 91 लाख रुपये दिए जाएंगे। आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा मंडल को शुल्क प्रतिपूर्ति, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति तथा कक्षा 9वीं की छात्रवृत्ति के लिए 522 करोड़ 8 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31 करोड़ 3 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है।
ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विद्युतीकरण
मंत्रि-परिषद ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विद्युत अधोसंरचना के विस्तार को भी स्वीकृति दी है। इस योजना के माध्यम से 63,077 ऐसे घरों तक बिजली पहुंचाई जाएगी, जहां अब तक विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं है। साथ ही 650 शासकीय संस्थानों का भी विद्युतीकरण किया जाएगा। इस कार्य के लिए 366 करोड़ 72 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस राशि में से 220 करोड़ 3 लाख रुपये केंद्र सरकार से अनुदान के रूप में प्राप्त होंगे, जबकि 146 करोड़ 69 लाख रुपये राज्य सरकार वहन करेगी। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा 8,521 घरों को ऑफ-ग्रिड प्रणाली से बिजली देने के लिए 97 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
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ऑनलाइन और ऑफ-ग्रिड दोनों व्यवस्था से बिजली
योजना के तहत जहां प्रति घर अनुमानित लागत 2 लाख रुपये तक होगी, वहां राज्य की विद्युत वितरण कंपनियां अधोसंरचना तैयार कर ऑनलाइन प्रणाली से बिजली कनेक्शन देंगी। भारत सरकार द्वारा निर्धारित सीलिंग कॉस्ट का पालन किया जाएगा।
दूरस्थ क्षेत्रों, खेतों पर बने घरों और पांच से कम घरों वाली छोटी बसाहटों में, जहां प्रति घर लागत 2 लाख रुपये से अधिक होगी, वहां ऊर्जा विकास निगम द्वारा 1 किलोवाट क्षमता की सोलर और बैटरी आधारित ऑफ-ग्रिड प्रणाली लगाई जाएगी। ऑफ-ग्रिड व्यवस्था का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। वितरण प्रणाली निर्माण के लिए शेष राशि राज्य सरकार वितरण कंपनियों को अंश-पूंजी के रूप में देगी।
न्यायालयीन आईटी कर्मचारियों को आयु में छूट
मंत्रि-परिषद ने उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की वर्तमान और भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए एक बार पांच वर्ष की आयु सीमा में छूट देने का निर्णय लिया है। फिलहाल अनारक्षित वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष निर्धारित है।
ऐतिहासिक नए पेंशन नियमों को मंजूरी
बैठक में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026 और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन का सारांशीकरण) नियम 2026 को अनुमोदन प्रदान किया गया। इन नियमों के प्रकाशन के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है।
नए प्रावधानों के तहत प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है ताकि पेंशन प्रकरणों का निराकरण समय पर हो सके। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन के सारांशीकरण में सुविधा मिलेगी और उसकी गणना भी आसान होगी। नियम 44 के अंतर्गत परिवार पेंशन के पात्र सदस्यों में अब अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल किया गया है।
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राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़े नियम भी स्वीकृत
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली का कार्यान्वयन) नियम 2026 तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत उपदान भुगतान संबंधी नियम 2026 को भी मंजूरी दी है। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
नए प्रावधानों में अभिदाता की मृत्यु की स्थिति में परिवार पेंशन का प्रावधान किया गया है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, ई-सेवा पुस्तिका, केंद्र और राज्य की पूर्व सेवाओं को जोड़ने, निलंबन अवधि में अंशदान की व्यवस्था जैसे बिंदुओं को स्पष्ट किया गया है।
सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र या मृत्यु की स्थिति में निकास प्रक्रिया, अंशदान की दर और गणना, विलंब की स्थिति में उत्तरदायित्व तय करने के प्रावधान भी शामिल हैं। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए उपदान की पात्रता और भुगतान की स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित की गई है। विभागीय जांच की स्थिति में उपदान से वसूली, जांच अवधि में नियोक्ता अंशदान रोके जाने और सेवानिवृत्ति से तीन माह पूर्व अभिदाता अंशदान रोकने जैसे प्रावधान भी जोड़े गए हैं।
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