court decision : 13 साल की मासूम से बलात्कार कर किया था गर्भवती, अब सारी उम्र जेल में रहेगा आरोपी युवक, 7 हजार जुर्माना भी
▪️ उत्तम मालवीय, बैतूल
अनन्य विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) बैतूल ने 13 वर्षीया मासूम बालिका (13 year old innocent girl) के साथ बार-बार बलात्कार (repeated rape) कर उसे गर्भवती (pregnant) करने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस मामले में आरोपी सुरेन्द्र पिता बोनदिया गोहेकर (उम्र 24 वर्ष) थाना आठनेर को सजा सुनाई है। इस सजा के बाद आरोपी को अपना शेष प्राकृतिक जीवनकाल (Imprisonment for triple remaining natural life) जेल के भीतर ही बिताना होगा।
आरोपी को पोक्सो एक्ट (POCSO ACT) की धारा 6 सहपठित धारा 5(एम) के तहत आजीवन कारावास (जिसका अभिप्राय व्यक्ति का शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये कारावास होगा), धारा 6 सहपठित धारा 5 (एल) के तहत आजीवन कारावास (जिसका अभिप्राय व्यक्ति का शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये कारावास होगा) और धारा 6 सहपठित धारा 5 (जे) (ll) के तहत आजीवन कारावास (जिसका अभिप्राय व्यक्ति का शेष प्राकृत जीवनकाल के लिये कारावास होगा) और धारा 506 (भाग दो) के तहत 3 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है। आरोपी पर 7000 रुपये का अर्थदंड भी किया गया है। अभियुक्त को दी गयी कारावास की सभी सजाएं साथ-साथ भुगतायी जायेगी ।
उपरोक्त प्रकरण में शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक एसपी वर्मा एवं वरिष्ठ एडीपीओ/ विशेष लोक अभियोजक ओम प्रकाश सूर्यवंशी द्वारा सशक्त पैरथी की गयी। मीडिया सेल प्रभारी अमित कुमार राय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 13 वर्षीया पीड़िता ने आरक्षी केन्द्र महिला थाना बैतूल में इस आशय की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख करवाई कि आरोपी सुरेन्द्र पिछले डेढ वर्षों से उसके साथ जबरन लगातार बलात्कार कर रहा है। 15 अप्रैल 2020 को जब उसके माता-पिता खेत पर काम करने गये थे, तब आरोपी ने उसके घर आकर उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया था।
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उसे यह धमकी दी थी कि यह बात किसी को बताई तो वह उसे जान से खतम कर देगा। उसने डर के कारण किसी को कुछ नहीं बताया आरोपी ने मौका देखकर उसके साथ कई बार गलत काम किया। उसकी तबीयत खराब होने पर उसने अपनी मम्मी एवं बुआ को घटना के बारे में बताया। पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपी के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया गया। मेडिकल परीक्षण में पीड़िता का गर्भवती होना पाया गया। अनुसंधान के उपरांत आरोपी के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित होना पाया गया। जिसके आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपी को दण्डित किया गया।
पीड़िता ने दिया एक पुत्री को जन्म
आरोपी के द्वारा पीड़िता के साथ बलात्संग किए जाने के परिणामस्वरूप पीड़िता गर्भवती हो गई थी। पीड़िता के द्वारा जिला चिकित्सालय बैतूल में एक पुत्री को जन्म दिया गया था। अनुसंधानकर्ता अधिकारी द्वारा आरोपी एवं पीड़िता के रक्त के नमूने का मिलान पीड़िता द्वारा जन्म दी गई पुत्री से डीएनए परीक्षण के माध्यम से करवाया गया था। डीएनए परीक्षण रिपोर्ट से यह प्रमाणित हुआ है कि आरोपी ही उक्त पुत्री का जैविक पिता है। उपरोक्त वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर अभियोजन ने अपना मामला अकाट्य रूप से प्रमाणित किया। प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया था।



