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Mysterious Temples: ये है दुनिया का सबसे रहस्यमयी मंदिर, नाम सुनकर ही भाग खड़े होते है लोग, रहता है जान जाने का डर!

Mysterious Temples: This is the world's most mysterious temple, people run away after hearing its name, there is fear of knowing!

Mysterious Temples: ये है दुनिया का सबसे रहस्यमयी मंदिर, नाम सुनकर ही भाग खड़े होते है लोग, रहता है जान जाने का डर!

Mysterious Temples: हिंदू धर्म में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो कभी किसी मंदिर में न गया हो। मंदिर में जाने से लोगों के सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं, इसलिए लोग मंदिर में भगवान की पूजा करते हैं। लेकिन आज हम एक ऐसे मंदिर के बारे में बात करने जा रहे हैं जहां कोई नहीं जाना चाहता। जी हां, यह सच है कि भारत में एक ऐसा मंदिर है जिसके दर्शन करने से लोग कतराते हैं। इस मंदिर में जाने से लोग भूतों से डरते हैं। यह मंदिर चंबा के एक छोटे से शहर भरमोर में स्थित है। मंदिर देखने में बहुत छोटा है लेकिन इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है।

दरअसल यह मंदिर मृत्यु के देवता यमराज का है। जिससे लोग मंदिर जाने से डरते हैं। यमराज को समर्पित यह दुनिया का एकमात्र मंदिर है। इस मंदिर में चित्रगुप्त के लिए एक कमरा भी बनाया गया है। चित्रगुप्त लोगों के बुरे कामों पर नज़र रखता है।

लगता है मौत का डर

कर्मों के आधार पर उसे स्वर्ग या नर्क में भेजा जाता है। इस मंदिर में चार छिपे हुए दरवाजे हैं जो सोने, चांदी, तांबे और लोहे से बने हैं। ऐसा कहा जाता है कि अधिक पापी व्यक्ति की आत्मा लोहे के द्वार पर जाती है। पुण्य करने वाले की आत्मा स्वर्ण द्वार के भीतर जाती है। यानी किस व्यक्ति को स्वर्ग मिलेगा और किस व्यक्ति को नर्क मिलेगा, यह चित्रगुप्त द्वारा ही तय किया जाता है। लोग इस मंदिर में जल्दी प्रवेश नहीं करना चाहते हैं। लोगों को डर है कि यमराज उनकी जान ले लेंगे।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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