Vegetable Cultivation : बंपर कमाई के लिए जून में करें इन सब्जियों की खेती, इतना फायदा होगा गिनते गिनते थक जाएंगे
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Vegetable Farming In June, Vegetable Cultivation: जून गर्मी के मौसम का आखरी महीना होता है। इस महीने में खरीफ और रबी की फसल के बीच अधिकांश किसानों के खेत खाली रहते हैं। इस बीच किसान भाई कुछ सब्जियों की खेती कर बंपर कमाई कर सकते हैं। यदि आप भी अपने खेत में सब्जियां लगाकर अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो इस पोस्ट को आखिर तक जरूर पढ़ें (Vegetable Cultivation)।
पालक की खेती (Spinach Farming)
किसान भाइयों को ये तो पता ही होगा कि पालक कितनी पौष्टिक होती हैं। इसकी खेती में अच्छा मुनाफा भी हैं। आप कम खर्च में अधिक कमाई करने वाली सब्जी की तलाश में थे तो आपको खोज खत्म हो गई। पालक कम समय में तैयार हो जाती है। पालक की फसल बुवाई के 25 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है। करीब 10-15 दिन बाद यह दुबारा कटाई के लायक हो जाती है। इसकी 5 से 6 कटाई करके आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं। इसकी खेती के लिए अच्छे जल निकास वाली हल्की दोमट मिट्टी सबसे अच्छी रहती है। पालक की कई उन्नत किस्में हैं जिनमें जोबनेर ग्रीन, पूसा पालक, पूसा ज्योति, पूसा हरित, लांग स्टैंडिग, पंत कंपोजिटी आदि किस्में काफी अच्छी है। इसकी उन्नत किस्मों से प्रति हैक्टेयर 150 से लेकर 250 क्विंटल तक उपज प्राप्त की जा सकती है।
मेथी की खेती (Cultivation of Fenugreek)
मेथी की सब्जी और दाना दोनों ही काम के हैं। यह एक ऐसी सब्जी हैं, जिसे बहुत लोग बड़े ही स्वाद लेकर खाना पसंद करते है। इसके कई तरह के इस्तेमाल भी हैं, जो इसे और भी ज्यादा खास बनाते हैं। इसकी खेती हरे रूप में पत्तों के लिए और सूखे रूप में इसके दानों के लिए की जाती है। हरी मेथी की सब्जी बनाई जाती है, जबकि दानों का उपयोग मसाले के तौर पर किया जाता है। मेथी की उन्नत किस्मों में कसूरी मेथी, पूसा अर्ली बंचिंग, यूएम 112, कश्मीरी, हिसार सुवर्णा आदि हैं। इसकी फसल 20 से 25 दिन में पहली कटाई के लिए तैयार हो जाती है। वहीं बीज प्राप्त करने के लिए इसकी कटाई बिजाई के 90 से 100 दिन बाद करनी चाहिए। यदि इसकी एक बार कटाई के बाद बीज लिया जाए तो इसकी औसत पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति हैक्टेयर होती है। वहीं 4-5 कटाइयां होने पर पैदावार घटकर करीब 1 क्विंटल तक रह जाती है। वहीं भाजी या हरी पत्तियों की पैदावार करीब 70 से 80 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक होती है।
धनिया की खेती (Cultivation of Coriander)
धनिया की खेती गर्मी के मौसम में की जा सकती है। इसकी खेती से करीब प्रति बीघा 90 हजार रुपए की कमाई की जा सकती है। गर्मियों में हरे धनिये का भाव काफी बढ़ जाता है। आम तौर पर बाजार में धनिये का भाव 25 से 30 रुपए प्रति किलोग्राम होता है। मौसम और बाजार की मांग के हिसाब से इसकी खेती लाभकारी होती है। धनिये की उन्नत किस्मों में हिसार सुगंध, पंत हरितमा, कुंभराज, आरसीआर 41, आरसीआर 435, आरसीआर 436, आरसीआर 446, आरसीआर 480, एसीआर 1 आदि शामिल हैं। उन्नत किस्म का उपयोग करके किसान सिंचित क्षेत्र में वैज्ञानिक तकनीक से खेती करके प्रति हैक्टेयर 15-18 क्विंटल बीज और 100-125 क्विंटल पत्तियों की उपज प्राप्त कर सकता है। असिंचित दशा में इसकी 5-7 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक उपज प्राप्त होती है।



