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काबरामाल : इस गांव में नहीं करना चाहता कोई अपनी बेटियों की शादी, कुंवारे बैठे हैं दो दर्जन से ज्यादा युवा, यह है इसकी वजह

  • उत्तम मालवीय, बैतूल
    मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां के किसी युवक के साथ अन्य गांवों के लोग अपनी बेटी की शादी ही नहीं करना चाहते। यही कारण है कि इस गांव के करीब दो दर्जन युवक विवाह योग्य होने के बावजूद उनका रिश्ता नहीं जुड़ पा रहा है और वे कुंवारे बैठे हैं।

    इसकी वजह यह नहीं है कि इस गांव के युवाओं में कोई एब या खराबी है या वे कोई आपराधिक प्रवृत्ति के हैं बल्कि वे अच्छे हैं, संस्कारी हैं, काबिल हैं। इसके बावजूद यह हालत है। इसका कारण यह है कि यह गांव भारी जल संकट से सालों से जूझता आया है। शादी के बाद बेटी को पानी के लिए मुसीबत उठाना पड़ेगा, बस यही सोचकर कोई अपनी बेटी का ब्याह इस गांव में नहीं करना चाहता।

    यह गांव है जिले के भैंसदेही ब्लॉक की ग्राम पंचायत डेढ़पानी का ग्राम काबरामाल। यहां के लोग पिछले लंबे समय से जलसंकट से जूझ रहे हैं। ग्राम काबरामाल करीब 70 से 80 घर की बस्ती है। यहां पर पेयजल संकट नया नहीं है। पिछले कई सालों से गर्मी की दस्तक से ही इस गांव में पेयजल संकट शुरू हो जाता है।

    ग्रामीणों ने भैंसदेही एसडीएम सहित बैतूल कलेक्टर तक को कई मर्तबा शिकायत की है। इसी के चलते कुछ दिनों पहले गांव के बाहर नलकूप खनन किया गया था। इसमें पानी तो आ रहा है लेकिन मोटर नहीं डलने के कारण पानी गांव तक नहीं पहुंच पा रहा है जिससे समस्या जहां की तहां है।

    पानी लाने जाना पड़ता है तीन किमी दूर

    काबरामाल के गोकुल राठौर ने बताया कि पानी के इंतजाम को लेकर आधा दिन खराब हो जाता है। जिसके कारण दूसरे कोई काम नहीं कर पाते हैं। गोकुल का कहना है कि सुबह से पानी लेने के लिए 3 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। वहां से कोई सिर पर तो कोई बैलगाड़ी पर पानी लाता है।

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    इसको लेकर ग्रामीणों ने कई बार शिकायत भी की है। लेकिन आज तक जलसंकट की समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों को पेयजल के लिए आज भी परेशान होना पड़ रहा है। अगर यही स्थिति रही तो ग्रामीणों को गांव से पलायन करना पड़ेगा।

    पहले नहीं थी इतनी विकट समस्या

    50 साल की सुदियाबाई मोरले का कहना है कि शादी होने के बाद कई सालों तक पानी की समस्या नहीं थी। लेकिन धीरे-धीरे यह समस्या शुरू हो गई। पहाड़ी पर गांव होने के कारण पानी की समस्या विकराल होती जा रही है।

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    नलकूप एक है और पानी लेने के लिए एक किलोमीटर दूर नलकूप पर जाना पड़ता है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो पाता है। जिसके कारण तीन किलोमीटर दूर कुएं से पानी लाना पड़ता है। उसी कुएं के गंदे पानी को पीने को मजबूर हैं। इस पानी से कई लोग बीमार भी हो रहे हैं।

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    कुंवारे जीने को मजबूर गांव के युवा

    ग्राम काबरामाल में व्याप्त जलसंकट से ग्रामीणों के साथ दूसरी मुसीबत भी कम नहीं है। ग्राम की गुदियाबाई का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर लोग इस गांव में लड़की नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण 20 से 25 लडक़े ऐसे हैं जिनकी शादी नहीं हो पा रही है।

    जब भी रिश्ते की बात होती है तो दूसरे गांव के लोग यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि जिस गांव में पानी की समस्या है उस गांव में बेटी ब्याहने से उसे मुसीबत देना ही होगा। इसी के कारण युवाओं की शादी नहीं हो पा रही है।

    मेरे संज्ञान में डेढ़पानी ग्राम पंचायत के काबरामाल गांव की पानी की समस्या आई थी। मैंने एक हफ्ते पहले पीएचई की टीम भेजी थी। इस समस्या का जल्द निदान करने के निर्देश दिए हैं।
    अंशुमान राज (आईएएस)
    प्रभारी सीईओ, जनपद पंचायत, भैंसदेही

  • उत्तम मालवीय

    मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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