खेड़ला पहुंचे श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के दिगंबर जनक पुरी जी महाराज, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
बैतूल जिले की ऐतिहासिक धरोहर एवं स्वामी मुकुंदराव जी के समाधि स्थल आस्था के केन्द्र प्राचीन शिव मंदिर खेड़ला किला में सुख, शांति, समृद्धि एवं विश्व कल्याण के लिए के लिए क्षेत्र में पहली बार सबसे बड़े यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक महायज्ञ के प्रतिदिन हजारों लोग साक्षी बन रहे हैं। पंचकुंडी महायज्ञ में श्री पंचनाम जूना अखाड़ा काशी के दिगंबर श्री जनक पुरी जी महाराज अपने 10 महात्माओं के साथ में शामिल हुए एवं यज्ञ परिसर में बनी कुटिया में भक्तों को दर्शन दिए।

महायज्ञ काशी से आए महंत श्री बलरामपुरी जी नागा बाबा के सानिध्य में संपन्न कराया जा रहा है। शनिवार को यज्ञ शाला में यज्ञचार्य पंडित संतोष पाठक जी के द्वारा विधि-विधान व मंत्र उच्चारण के साथ अविवाहित देवताओं का पूजन एवं यज्ञ हवन संपन्न करवाया गया।

राम कथा का रसपान कर रहे प्रतिदिन दो हजार लोग
यज्ञ शाला परिसर में ही श्री राम कथा का भी आयोजन प्रसिद्ध रामकथा कार चित्रकूट धाम से आए पंडित विमलेश जी महाराज के मुखारविंद से संगीतमय रसपान कराया जा रहा है। जिसमें शुक्रवार शिव बारात का भी आयोजन किया गया। भगवान शिव की बारात निकाली गई। जिसमें एक पक्ष वर, एक पक्ष वधू बना। पूरा कथा पंडाल बाराती बनकर बैंड बाजे पर झूम उठा। क्षेत्र में पहली बार किसी कथा पांडाल में एक साथ हजारों लोग रसपान करने पहुंच रहे हैं। शिवशक्ति महायज्ञ की 27 फरवरी पूर्णआहुति होगी।

ग्रामीण निस्वार्थ भाव से कर रहे सेवा कार्य
क्षेत्र में हो रहे पहली बार ऐतिहासिक शिवशक्ति महायज्ञ में खेड़ला किला के आस-पास के गांव भैंसदेही, खेड़ली, राठीपुर, उमरी, केलापुर, बाजपुर, मलकापुर आदि गांव के युवा एवं माताएं-बहनें एक-एक दिन की सेवा कार्य कर रहे हैं। यज्ञ में प्रत्येक दिन एक एक गांव को सेवा कार्य का जिम्मा सौंपा गया है। जिसमें परिसर की साफ-सफाई से लेकर ब्राह्मणों एवं यजमानों को स्वल्पाहार, राम कथा में आए भक्तों को जलपान, शरबत एवम प्रसादी वितरण एवं रात्रि भोजन की व्यवस्था अपनी अपनी बारी आने पर कर रहे हैं।
भैंसदेही, खेड़ली एवं बाजपुर की व्यवस्था के बाद शुक्रवार मलकापुर ग्राम की बारी आने पर लिंबाजी बाबा मंडल मलकापुर की ओर से दिनभर की निस्वार्थ सेवा की गई। जिसमें रात्रि में एक हजार लोगों ने भोजन प्रसादी बैठकर ग्रहण की। शनिवार केलापुर एवं उमरी ग्राम की ओर से व्यवस्था की गई है।

माताएं बना रही रोटी एवं धो रही बर्तन
यज्ञ परिसर में प्रतिदिन रात्रि कालीन सैकड़ों लोगों के भोजन प्रसादी बनाने के लिए मजदूर एवं हलवाई आदि की व्यवस्था नहीं की गई है। बल्कि खेड़ली एवं भैंसदेही की माताएं दिन भर अपनी सेवाएं दे रही हैं। वे दोपहर 3 बजे से रात्रि 10 बजे तक भोजन बनाने से लेकर बर्तन धोने तक का कार्य नि:स्वार्थ भाव से कर रही हैं।

विशाल भंडारे में दस हजार लोग करेंगे प्रसादी ग्रहण
पंचकुंडी महायज्ञ एवं श्री रामकथा के समापन पर 28 फरवरी दिन सोमवार को कन्या भोज के साथ ही विशाल भंडारे प्रसादी का भी आयोजन रखा गया है। जिसमें 10 हजार लोगों की प्रसादी की व्यवस्था की जा रही है। काशी से पधारे बलरामपुरी नागा बाबा ने सभी भक्तों से पहुंच कर लाभ लेने की अपील की है।



