बैतूल अपडेट

Betul News: घोषित प्रत्याशी से नाखुश दामजीपुरा क्षेत्र के लोग बोले- निर्दलीय चुनाव लड़ें राहुल; मिली सहमति

Betul News: Unhappy with the declared candidate, the people of Damjipura area said – Rahul should contest as an independent; received consent

▪️ युनुस खान, दामजीपुरा

Betul News: बैतूल जिले की भैंसदेही विधानसभा में भाजपा ने अपना प्रत्याशी महेन्द्रसिंग चौहान को घोषित कर दिया है। कुछ ही दिनों पूर्व घोषित प्रत्याशी को कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासी चाह रहे हैं कि भाजपा के ही जिला महामंत्री राहुल सतीष चौहान निर्दलीय चुनाव लड़े। वहीं राहुल ने भी हुंकार भर दी है कि क्षेत्रवासी यदि चाहते हैं तो वे चुनावी समर में जरूर उतरेंगे। इससे भाजपा ही नहीं कांग्रेस की भी चिन्ता बढ़ गई है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार रात को ग्राम दामजीपुरा में करीब दो हजार क्षेत्रीय प्रमुख लोगों की उपस्थिति में राहुल चौहान को निर्दलीय चुनाव में उतारने का निर्णय लिया गया है। लोगों की माने तो भाजपा एवं कांग्रेस ने हमेशा एक ही उम्मीदवार को अवसर दिया है। वे उनकी समस्याओं का निराकरण करने में खास सक्रियता भी नहीं दिखाते। जिससे जनता में आक्रोश और निराशा है।

Betul News: घोषित प्रत्याशी से नाखुश दमजीपुरा क्षेत्र के लोग बोले- निर्दलीय चुनाव लड़ें राहुल; मिली सहमतिदामजीपुरा क्षेत्र की जनता विधायक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। दामजीपुरा क्षेत्र से भाजपा हो या कांग्रेस जिस भी दल को जब भी लीड मिली है, उसी पार्टी का विधायक बना है। ऐसी स्थिति में जानकारों की माने तो राहुल सतीष चौहान चुनाव लड़ेंगे तो उनकी जीत में शायद ही कोई मुश्किल आए। आम जनता तीसरे विकल्प को हाथों हाथ ले सकती है। इसको लेकर चर्चाओं का बाजार क्षेत्र में गरम दिखाई दे रहा है।

यहां सुनें, चुनाव लड़ने को लेकर क्या बोले राहुल…

राहुल चौहान कांग्रेस के पूर्व विधायक स्वर्गीय सतीश चौहान के सुपुत्र हैं जो कि कोरकू समाज का बड़ा युवा चेहरा है। उन्हें कांग्रेस ने 2014 में लोकसभा चुनाव में बैतूल-हरदा-हरसूद से प्रत्याशी घोषित किया था। लेकिन, आखरी समय में बी. फार्म अजय शाह को दे दिया गया।

वर्ष 2011 से 2019 तक निरंतर युवा कांग्रेस भैंसदेही से निर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष रहे। संगठन में मजबूती से काम किया। भीमपुर ब्लॉक में कांग्रेस की बड़ी टीम खड़ी की। पिता के देहांत के बाद वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव से पूर्व भाजपा का दामन थामा और भाजपा ने सक्रियता को देखते हुए बैतूल जिला महामंत्री का दात्यिव सौंपा।

निरंतर 4 वर्षों से भाजपा संगठन में वे सक्रियता से कार्य कर रहे हैं। भैंसदेही नगर मंडल प्रभारी के रूप में भैंसदेही में हमेशा सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका में देखे गये। जिला संगठन की पहली पंसद रहे। इसी के चलते उन्हें जिला पंचायत के चुनाव में उनके गृह क्षेत्र दामजीपुरा से चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई।

उन्होंने अपने नेतृत्व में वार्ड क्रमांक-21 से श्रीमती रेखा रविकिशोर पांसे को चुनाव जीता कर लाए और भाजपा की गरिमा बनाए रखी। दूसरी ओर महेन्द्रसिंग चौहान अपने गृह क्षेत्र भीमपुर में अपनी जिला पंचायत की सीट बचाने में नाकाम रहे और जयस ने भीमपुर में धमाकेदार जीत हासिल कर भीमपुर में अपना परचम लहराया।

Betul News: घोषित प्रत्याशी से नाखुश दमजीपुरा क्षेत्र के लोग बोले- निर्दलीय चुनाव लड़ें राहुल; मिली सहमतिग्राम दामजीपुरा रात्रि में हुई बैठक में मुख्य रूप से मेलघाट (महाराष्ट्र) विधायक राजकुमार दयाराम पटेल भी शामिल हुए। उन्हें मेलघाट की जनता मेलघाट के टाईगर के नाम से संबोधित करती है। वे इस जनसभा के मुख्य अतिथि थे।

वे दो बार भाजपा से विधायक रहे। वर्तमान में मेलघाट विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक के रूप में 42000 हजार से अधिक मतों से चुन कर आये हैं और कोरकू समाज का बहुत बड़ा चेहरा हैं। वे मेलघाट, बरहानपुर, भैंसदेही विधानसभाओं में अपना खासा प्रभाव रखते हैं।

भीमपुर-दामजीपुरा की जनता के अनुरोध पर पहुंचकर उन्होंने राहुल सतीश चौहान के पक्ष में खुलकर अपना सर्मथन दिया और कहा कि आप लोगों की सर्व सहमति से भीमपुर-दामजीपुरा क्षेत्र की जनता ने राहुल चौहान को अपना निर्दलीय प्रत्याशी बनाने का जो मन बना लिया है, उसका मैं भी सर्मथन करता हूं। हमेशा प्रत्याशी का चयन पार्टी द्वारा किया जाता है। नेता खुद चुनावी मैदान में उतरता है।

आपकी विधानसभा भैंसदेही में यह पहली बार ऐतिहासिक समय आया है कि आप सभी क्षेत्रवासियों ने राहुल चौहान को अपना प्रत्याशी बनाने का मन बना लिया है। लोकतंत्र में अपने मत का मर्जी से इस्तेमाल करने का अधिकार आम जनता को है। हम भाजपा का विरोध नहीं करते।

हम सब ने राहुल सतीश चौहान को तिलक कर दिया है। भाजपा चाहे तो वह भी प्रत्याशी बदल कर राहुल चौहान को तिलक कर सकती है। हमें कोई आपत्ति नहीं। अगर नहीं भी करें तो कोई बात नहीं, हम चुनाव तो लड़ेंगे, चाहे आप के चिन्ह पर या अन्य चिन्ह पर।

Related Articles

Back to top button