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New Driving Licence : अब घर बैठे मिलेगा ड्रायविंग लाइसेंस, नहीं काटना होगा ऑफिस के चक्कर

New Driving License: Now driving license will be available sitting at home, no need to go to office

New Driving Licence : अब घर बैठे मिलेगा ड्रायविंग लाइसेंस, नहीं काटना होगा ऑफिस के चक्कर

New Driving License: (भोपाल) मध्यप्रदेश में अब ड्रायविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए परिवहन कार्यालयों के चक्कर नहीं काटना होगा। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से दूरदराज रहने वाले आवेदक अपना ड्रायविंग लायसेंस स्पीड पोस्ट से घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। शासन ने यह व्यवस्था लागू कर दी है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

प्रदेश के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस संबंध में बताया कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले आवेदकों को ड्रायविंग लायसेंस लेने के लिए आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाना नहीं पड़ेंगे। अब उन्हें काउन्टर से लायसेंस प्राप्त करने के साथ परिवहन विभाग स्पीड पोस्ट से ड्रायविंग लायसेंस उनके घर भिजवाएगा।

आवेदन करते समय चुनना होगा विकल्प (New Driving License)

हालांकि यह सुविधा आवेदक को स्वत: प्राप्त नहीं होगी। इसके लिए आवेदक को अपना आवेदन करते समय ही उसमें दोनो ऑप्शन में से एक चुनना होगा। यदि उसे घर बैठे लायसेंस पाना है तो स्पीड पोस्ट का व्यय आवेदक को स्वयं वहन करना होगा। परिवहन मंत्री मंगलवार को मंत्रालय में परिवहन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। इस मौके पर प्रमुख सचिव परिवहन फैज अहमद किदवई एवं परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा भी उपस्थित थे।

हजारों वाहनों को किया जाएगा स्क्रैप

परिवहन मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि 15 वर्ष पुराने शासकीय वाहन अब 1 अप्रैल तक ही मान्य होंगे। संबंधित विभागों को अपने वाहन मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग एजेन्सी में स्क्रैप कराना होंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग चार हजार शासकीय वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि परिवहन नीति में नए टैक्स आमजन के लिए काफी लचीले और फायदेमंद होंगे। इससे जहाँ शासन के खाते में राजस्व की वृद्धि होगी वहीं वाहन मालिक भी इससे लाभान्वित होंगे।

आल इंडिया परमिट : टैक्स में होगी कमी (New Driving Licence)

प्रमुख सचिव परिवहन श्री किदवई ने बताया कि कई स्वरूप में बसों के ऑल इंडिया परमिट के लिए प्रति सीट टैक्स में कमी का प्रस्ताव रखा गया। इसी प्रकार राज्य के बाहर से आने वाली ऐसी बसें जो फैक्ट्री में स्टाफ को लाने ले जाने के लिए अनुबंधित हैं, पर टैक्स का प्रावधान रखा गया है। अभी तक इस प्रकार के वाहनों पर कोई टैक्स नहीं लिया जाता। इसी प्रकार की स्कूल बसों पर प्रति सीट प्रति वर्ष की दर से टैक्स का प्रावधान रखा गया है।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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