Fish farming industry announcement: MP में मछली पालन को मिला उद्योग का दर्जा, 114 करोड़ की परियोजनाएं शुरू
Fish farming industry announcement: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मछली पालन व्यवसाय के लिए बड़ी घोषणाएं करते हुए मत्स्य पालकों को कई सौगातें दी हैं। उन्होंने ऐलान किया कि मछली पालन भी एक उद्योग है। इसे भी अन्य उद्योगों की तरह सभी सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को उज्जैन स्थित कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से 453 स्मार्ट फिश पार्लर का भूमि-पूजन और इंदिरा सागर बांध में लगभग 92 करोड़ लागत से 3360 केज परियोजना का वर्चुअल भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मछुआरा समुदाय को बेहतर जीवन के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मछुआ समुदाय अपने जीवन को खतरे में डालकर पानी में खेती करता है, यह साहस का कार्य है। मछुआ कल्याण बोर्ड के माध्यम से कई योजनाएं संचालित हैं।

मछली पालन अब पारंपरिक कार्य नहीं (Fish farming industry announcement)
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब मछली पालन सिर्फ पारम्परिक कार्य नहीं, एक आधुनिक उद्योग है। इसमें निवेश बढ़ेगा, उत्पादन बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि भोपाल में 40 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एक्वा पार्क (मछलीघर) का निर्माण किया जा रहा है। सरकार मस्त्य पालन के लिए मछुआरों को अनुदान देगी।
राज्य में बढ़ रहा सिंचाई का रकबा भी (Fish farming industry announcement)
राज्य सरकार ने प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया है, जिसका लाभ मछुआरों को भी मिल रहा है। पिछली सरकार में प्रदेश की सिर्फ 7 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई होती थी, यह रकबा हमारी सरकार में बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) लिंक परियोजना से सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचेगा। कई तालाब भी बनाए जाएंगे। मछलियां कई लोगों के लिए आजीविका का साधन हैं। इंदिरा सागर सहित अन्य जलाशयों में 3 लाख से अधिक केज स्थापित किए जाएंगे।

मछुआरों को बांटी 430 मोटर साइकिलें (Fish farming industry announcement)
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मछुआरों को 430 मोटर साइकिलें बांटी गई हैं, जिनमें आईस बॉक्स भी लगे हैं। प्रदेश में वर्तमान में 4.4 लाख हेक्टेयर में मछली पालन कार्य हो रहा है, वर्ष 2024-25 में प्रदेश का मछली उत्पादन 3.81 लाख मैट्रिक टन रहा। प्रदेश में लगभग 2 लाख से अधिक मत्स्य पालक पंजीकृत हैं। महिलाएं भी इस व्यवसाय में अग्रणी हैं।
बीज के लिए कम होगी बंगाल पर निर्भरता (Fish farming industry announcement)
उन्होंने कहा कि 217 करोड़ लागत से मछली बीज उत्पादन के लिए आधुनिक हैचरी का निर्माण किया जाएगा। इससे बीज के लिए बंगाल पर निर्भरता खत्म होगी। हमारी सरकार दूध उत्पादन और मस्त्य उत्पादन में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। बदलते समय में मछली पालन क्षेत्र में आधुनिक मशीनों का उपयोग और स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं।
लाड़ली बहनों के खाते में राशि अंतरित (Fish farming industry announcement)
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित है। रक्षाबंधन का समय आ रहा है, आज लाड़ली बहनों के खाते में राशि अंतरित करने का दिन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार 15 से 30 जुलाई तक प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री ने उपस्थितजन को नशा मुक्ति एवं फिजूलखर्ची से बचने का संकल्प दिलवाया। (Fish farming industry announcement)
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