Jan Dhan Yojana Re-KYC 2025: जन धन खाताधारकों के लिए बड़ा अलर्ट, जल्द करवा लें यह काम नहीं तो अकाउंट हो जाएंगे बंद
Jan Dhan Yojana Re-KYC 2025: प्रधानमंत्री जन धन योजना के खाताधारकों के लिए बड़ी और जरुरी खबर है। उन्हें 30 सितम्बर तक एक जरुरी काम करवाना होगा। यह काम नहीं करवाने पर उनके खाते बंद कर दिए जाएंगे। यह काम है ऐसे खातों को सक्रिय बनाए रखने के लिए री-केवाईसी कराना। खाते बंद होने पर कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत साल 2014 में हुई थी। इस योजना का उद्देश्य हर नागरिक को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना था। आज तक इस योजना के तहत करीब 55.9 करोड़ लोगों के खाते खुल चुके हैं। अब जब योजना को दस साल पूरे हो रहे हैं, तो कई खातों के लिए एक नई प्रक्रिया जरूरी हो गई है।
दस साल की अवधि हो गई पूरी
योजना के तहत जिन खातों को 2014 या 2015 में खोला गया था, वे अब दस साल पूरे कर रहे हैं। ऐसे खातों को सक्रिय बनाए रखने के लिए री-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। री-केवाईसी कराने की अंतिम तारीख 30 सितंबर तय की गई है। अगर समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो खाता बंद हो सकता है और सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सब्सिडी या लाभ सीधे खाते में नहीं पहुंच पाएंगे।

री-केवाईसी क्यों जरूरी है
री-केवाईसी का मतलब है अपने बैंक में पहले से दर्ज जानकारी को दोबारा सत्यापित कराना। इसमें आपका नाम, पता, पहचान पत्र और फोटो जैसी जानकारियां अपडेट की जाती हैं। यह प्रक्रिया इसलिए जरूरी है ताकि बैंक अपने ग्राहकों की सही जानकारी रख सके और किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके। बैंकिंग नियमों के मुताबिक, दस साल पुराने सभी खातों में री-केवाईसी कराना जरूरी होता है।
प्रक्रिया को आसान बनाने पंचायत तक अभियान
सरकार ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पंचायत स्तर तक अभियान चलाया है। एक जुलाई 2025 से पूरे देश में “फाइनेंशियल इनक्लूजन सचुरेशन कैंपेन” यानी राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत गांव-गांव और पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। जिन खाताधारकों को री-केवाईसी करानी है, वे इन कैंपों में जाकर अपनी जानकारी अपडेट करा सकते हैं।

अगर री-केवाईसी नहीं कराई तो क्या होगा
अगर किसी खाताधारक ने समय पर री-केवाईसी नहीं कराई, तो उसका खाता निष्क्रिय किया जा सकता है। इसका सीधा असर उस व्यक्ति पर पड़ेगा जो सरकारी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले लाभ ले रहा है। कई लोग जन धन खाते के माध्यम से गैस सब्सिडी, वृद्धावस्था पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। अगर खाता बंद हो गया तो उन्हें ये लाभ समय पर नहीं मिल पाएंगे।
यह हैं जन धन योजना के उद्देश्य
प्रधानमंत्री जन धन योजना की नींव 28 अगस्त 2014 को रखी गई थी। इस योजना के तहत सबसे बड़ी सुविधा यह थी कि कोई भी नागरिक बिना न्यूनतम बैलेंस के बैंक खाता खुलवा सकता था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना था, जो अब तक इनसे दूर थे। खासकर ग्रामीण इलाकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह योजना वरदान साबित हुई।
इस योजना में न सिर्फ खाता खोलने की सुविधा दी गई, बल्कि इसके साथ कई और लाभ भी जोड़े गए। खाताधारकों को बचत खाते पर ब्याज मिलता है। इसके साथ ही दुर्घटना बीमा, जीवन बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस खाते के जरिए सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर को भी बढ़ावा दिया, जिससे सरकारी योजनाओं के पैसे सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।
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जन धन योजना से मिलने वाले फायदे
इस योजना ने देश के करोड़ों लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। जन धन खाते पर जमा रकम पर ब्याज मिलता है। इसके अलावा खाता खुलवाने पर एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है। 30 हजार रुपये का जीवन बीमा भी इस योजना का हिस्सा है, जो कुछ सामान्य शर्तों के आधार पर देय होता है।
इस खाते में कोई न्यूनतम बैलेंस रखने की अनिवार्यता नहीं है। यही वजह है कि गरीब तबके के लोग भी बिना चिंता के इसे खुलवा सकते हैं। सरकार की सभी योजनाओं की राशि सीधे इसी खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है। पूरे देश में कहीं भी पैसे भेजने की सुविधा भी खाताधारकों को मिलती है।
जन धन खाता धारक छह महीने तक खाते को नियमित रूप से संचालित करने के बाद पांच हजार रुपये तक का ओवरड्राफ्ट भी ले सकते हैं। इसके अलावा पेंशन और बीमा योजनाओं से जुड़ने का लाभ भी दिया गया है।
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10 करोड़ खाते री-केवाईसी के दायरे में
सरकार और बैंक इस समय सबसे ज्यादा जोर री-केवाईसी प्रक्रिया पर दे रहे हैं। अनुमान है कि करीब 10 करोड़ खाते ऐसे हैं, जो अब दस साल पूरे कर चुके हैं और री-केवाईसी की श्रेणी में आते हैं। इसके लिए देश के लगभग एक लाख से ज्यादा पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जा चुके हैं और लाखों लोगों ने अपनी जानकारी अपडेट भी करा ली है।
बैंक ग्राहकों को लगातार एसएमएस, नोटिफिकेशन और स्थानीय शाखाओं के माध्यम से री-केवाईसी की जानकारी दे रहे हैं। जिनके खाते 2014 या 2015 में खुले थे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है।
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